विविधता में समानता थीम पर मनाई फूले-आंबेडकर जयंती

बैतूल। डॉ बाबा साहेब आंबेडकर की 133 वीं और महामना जोतिबा फूले की 197 वीं संयुक्त जयंती महोत्सव सभी शहरों में ‘विविधता में समानता’ थीम पर मनाई गई। महात्मा फूले से लेकर डॉ आंबेडकर तक समता,समानता, न्याय, बन्धुत्व के मूल्यों की स्थापना के लिए कार्य करने वाले सभी नायक इसमें शामिल हैं। मूवमेंट 21 आम नागरिक की गरिमा बनाये रखते हुए मानवीय मूल्यों को स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।विवधता में समानता व एकता स्थापित करना मूवमेंट21 का परम उद्देश्य है। मूवमेंट 21 संस्कृतियों, धर्मों, भाषाओं, क्षेत्रों, जीवन जीने के तरीकों के संदर्भ में लोगों की विविधता में विश्वास करता है।ये मूल्य भारतीय संविधान में निहित हमारे देश के लोगों के मौलिक अधिकारों से गहरे जुड़े हैं और इसलिए वे विविध जीवन शैलियों को अपनाने के हकदार हैं। मूवमेंट21 अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले सभी लोगों के विचारों और व्यवहारों में समानता लाने के लिए काम कर रहा है। देश में विविधता में समानता लाने की दिशा में पूरे साल गतिविधियां संचालित की जाती हैं और साल में एक बार ‘विविधता में समानता’ को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।मूवमेंट21 आधुनिक भारत में समानता के दो महान चैंपियन जोतिबा फूले और डॉ आंबेडकर की जयंती के अवसर पर विविधता में समानता का उत्सव मना रहा है। उन्होंने सामाजिक, लैंगिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक क्षेत्रों और जीवन के विभिन्न पहलुओं में समानता लाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। उनका आंदोलन समाज के किसी एक या दो वर्गों तक सीमित नहीं था। उन्होंने इस देश के सभी लोगों, विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के बीच समानता की स्थापित करने कि भरपूर कोशिश की। इस अर्थ में मूवमेंट 21 ‘विविधता में समानता’ के महापर्व का समर्थक है। बैतूल में ‘विविधता में समानता’ महोत्सव डॉ आंबेडकर चौक बैतूल में समय सायं 6 से 8 तक मनाया गया । इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमो में स्थानीय कलाकारों की कला मंडली द्वारा “विविधता में समानता” थीम पर आधारित गीतों की प्रस्तुति, नाटक,गीत गायन, सामूहिक नृत्य, प्रश्नोत्तरी व निबंध के माध्यम से फूले से लेकर आंबेडकर तक के नायकों के जीवन से जुड़े प्रसंगो और उनके महान कार्यो को जीवन में अपनाने पर चर्चा की गई ।




