भाजपा सरकार की गलत नीतियों से महंगाई की मार झेल रही देश की जनता: कमलेश यादव ।
डबल इंजन सरकार ने देश को महंगाई और आर्थिक दबाव के दौर में धकेल दिया: यादव। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा मध्यम वर्ग।

बैतूल। पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कमलेश यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिस देश में कभी आम आदमी अपने सीमित बजट में परिवार चला लेता था, आज उसी देश में रसोई से लेकर खेत और बाजार तक हर चीज महंगाई की चपेट में है। पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों ने देश को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है जहां आम आदमी की आय स्थिर है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में बढ़ती महंगाई केंद्र सरकार की गलत टैक्स नीति और दूरदर्शिता की कमी का नतीजा है। आज आम जनता महंगाई की मार झेल रही है और सरकार टैक्स वसूली में व्यस्त दिखाई दे रही है।
कमलेश यादव ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम हुए थे, तब केंद्र सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर भारी राजस्व वसूला। अगर उस समय टैक्स कम किए जाते तो आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर इतना गंभीर नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहत देने का मौका गंवा दिया और अब उसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
किसानों की बढ़ती परेशानी पर चिंता जताते हुए कमलेश यादव ने कहा कि बैतूल जैसे कृषि प्रधान जिले में डीजल की कीमत बढ़ने से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। किसान ट्रैक्टर, थ्रेसर और सिंचाई पंप के लिए डीजल पर निर्भर हैं। डीजल महंगा होने से खेती प्रभावित हो रही है और इसका असर बाजार में अनाज, सब्जियों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी कमलेश यादव ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलती थी, लेकिन अब सब्सिडी लगभग खत्म हो चुकी है। उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन देने के बाद भी गरीब परिवार महंगे सिलेंडर के कारण दोबारा चूल्हे और लकड़ी का इस्तेमाल करने को मजबूर हो रहे हैं।
कमलेश यादव ने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मजदूर, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। घरेलू बजट बिगड़ चुका है और लोगों की बचत खत्म होती जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने, गैस सिलेंडर पर राहत देने और महंगाई नियंत्रित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।



