Water tax has not been paid for 6 years: 4500 अवैध नल कनेक्शनधारी मुफ्त में पी रहे हैं पानी, 6 साल से नहीं चुकाया जलकर
वैध कनेक्शनों को नियमित आपूर्ति, अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई की तैयारी

बैतूल। शहर के एक तबके को हर महीने 100 रुपए जलशुल्क देने के बावजूद दो दिन में एक बार ही पानी मिल पा रहा है। वहीं, शहर के 4500 अवैध नल कनेक्शनधारी नगर पालिका के 5 करोड़ 40 लाख रुपए का बकाया जलकर जमा नहीं कर रहे हैं, लेकिन रोज 20 लाख लीटर पानी मुफ्त में पी रहे हैं। पिछले 6 साल से यह सिलसिला जारी है।
2016 में 29 करोड़ रुपए की अमृत योजना के तहत ताप्ती नदी पर बैराज बनाकर 22 किमी पाइप लाइन और शहर में 42 किमी पाइप लाइन बिछाई गई थी। योजना का उद्देश्य था कि शहर में कोई भी बिना पानी के न रहे, इसलिए धड़ाधड़ अमृत कनेक्शन दिए गए। हालांकि, 4500 कनेक्शनधारियों ने कनेक्शन लेने का शुल्क और जलशुल्क जमा नहीं किया।
नगरपालिका के पास पानी की मात्रा सीमित है। हर दिन 1 करोड़ लीटर पानी की जरूरत होती है, जबकि 21500 घरों में पानी सप्लाई हो रहा है। इसमें से 4500 अवैध कनेक्शनधारी हैं, जो कुल पानी का 20 प्रतिशत अवैध तरीके से पी रहे हैं। इससे वैध कनेक्शनधारियों को परेशानी हो रही है, कई बार 3-4 दिन तक पानी सप्लाई प्रभावित रहती है।
नगरपालिका के अधिकारियों ने अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक वार्ड में वैध कनेक्शनों की सूची लेकर जाने की तैयारी की गई है। अवैध कनेक्शनों को काटा जाएगा, जिससे वास्तविक हकदारों को ही पानी मिल सकेगा और राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।
नगरपालिका प्रभारी सीएमओ, ब्रजगोपाल परते ने बताया कि, “हमने 4500 अवैध कनेक्शनधारियों को चिह्नित किया है। प्रत्येक वार्ड में 12 लोगों की टीम भेजी जाएगी, जो वैध और अवैध कनेक्शनों की पहचान करके अवैध नल कनेक्शन काटेगी। इससे वास्तविक हकदारों और टैक्स दाताओं को ही पानी मिल सकेगा।”




