Betul news: श्राद्ध कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
पूज्य बापूजी के आश्रम में हुआ तर्पण और पिंडदान का आयोजन

बैतूल। संत श्री आशारामजी आश्रम में आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम ने इस वर्ष एक नया इतिहास रच दिया। इस पवित्र अनुष्ठान में पूरे क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित हुए और ब्राह्मणों द्वारा विधिवत तर्पण, पिंडदान, और ब्राह्मण भोजन का आयोजन किया गया। विशेष रूप से चांदी के दर्शन और दान ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।
श्राद्ध का नेतृत्व आयोध्या से पधारे मुख्य ब्राह्मण आचार्य रंजन एक्का ने किया। आचार्य एक्का ने बताया कि बैतूल का यह आश्रम केवल एक साधारण स्थान नहीं है, बल्कि पूज्य बापूजी के दो बार निवास करने के कारण यह भूमि अत्यंत पवित्र मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, जहाँ गुरु निवास करते हैं, वहां गयाजी स्वयं उपस्थित माने जाते हैं, और यहां किया गया श्राद्ध अत्यधिक फलदायी माना जाता है। श्री योगवेदांत सेवा समिति के संरक्षक डॉ. शंकरराव पाटनकर ने कहा, इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उम्मीद हमें नहीं थी। हमने पहले से ही पंजीकरण की व्यवस्था कर रखी थी, जो 28 सितंबर को बंद कर दी गई थी ताकि आयोजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन में त्रुटियों से बचने के लिए विशेष रूप से गंगाजल हरिद्वार से मंगवाया गया था और असली कुश की व्यवस्था तीर्थस्थलों से की गई थी।श्राद्ध कार्यक्रम के पश्चात, सभी श्रद्धालुओं और साधकों के लिए विशेष भोजन का आयोजन किया गया, जिसमें पंचामृत और खीर ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। ब्राह्मणों को भोजन और वस्त्रदान भी किया गया, जो इस अनुष्ठान का महत्वपूर्ण अंग है। इस आयोजन में समिति के समर्पित सेवाधारी, अजय सोनी, बंसीलाल सोनी, एम. आर. वराठे, ए. आर. पवार, राजीव रंजन झा, जगन्नाथ पंडाग्रे, मारुति राव साकरे, सहदेव ठाकरे, एल. बी. गायकवाड, टी. सी. पाल, डॉ. राजकुमार मालवीय, महेश भाई, प्रभा शंकर वर्मा, राम राव कड़वे, इंद्रदेव कवड़कर, राजेंद्र मगरदे, राजू भाई, कल सिंह भाई, अनूप मालवी, सतीश पाल, रविकांत आर्य, और मुख्य यजमान मनोहर प्रजापति ने पूरे आयोजन की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
— आज मनाया जाएगा आत्म साक्षात्कार दिवस–
अब आश्रम में आगामी 4 अक्टूबर 2024 को पूज्य बापूजी का आत्म साक्षात्कार दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर भी विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे यह आयोजन धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से प्रेरणादायक साबित हो। श्राद्ध के दौरान समिति के सेवाधारियों ने पूरी निष्ठा से काम किया, और आयोजन के दौरान अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। गंगाजल और पंचामृत के साथ आयोजित इस श्राद्ध ने श्रद्धालुओं के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाई है।





