457 परिवारों को बेघर करने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा आज पहुंचेंगे सारनी

बैतूल। सारनी क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है। एमपीपीजीसीएल द्वारा यहां 457 मकानों को गिराने के लिए बेदखली नोटिस भेजा गया है। इस निर्णय से हजारों लोग प्रभावित होंगे और पूरे क्षेत्र में डर, तनाव और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में जनता की आवाज़ बनने के लिए आज 12 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटी बैतूल के अध्यक्ष निलय डागा सारनी पहुंच रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, निलय डागा सुबह 11:30 बजे सारनी पहुंचेंगे, जहां वे मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) के अधिकारियों से सीधी चर्चा करेंगे। इस चर्चा में वे कंपनी के फैसले को जनविरोधी और तानाशाही करार देते हुए 457 परिवारों को उजाड़ने की योजना को तत्काल वापस लेने की मांग करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई संवेदनहीन है। सरकार की कथित जनकल्याणकारी नीतियों की असलियत को भी उजागर करती है। सारनी के जिन परिवारों को उजाड़ने की कार्यवाही की जा रही है, उनमें से अधिकतर गरीब, निम्नवर्गीय और वर्षों से वहां निवासरत लोग हैं। कंपनी द्वारा जो नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी संवेदनहीनता पर सवाल उठते रहे हैं। अब कांग्रेस ने इस मसले पर खुलकर सरकार और कंपनी को घेरने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस ने पहले ही इस पूरे प्रकरण को लेकर स्पष्ट कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में परिवारों को उजाड़ना लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के यदि उनके घरों को तोड़ा जाता है, तो यह सीधा मानवाधिकारों का हनन होगा। कांग्रेस के अनुसार, सत्ता में बैठी सरकार इस पूरे मसले पर मौन है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सब सत्ता के संरक्षण में किया जा रहा है। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इन नोटिसों को वापस नहीं लिया गया, तो आगे आंदोलन और जनआंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।




