Video: प्रदेश के लगभग 20 जिलों में एक साथ मनाया जाएगा हेल्प डे

बैतूल। आगामी 11 जनवरी को नव वर्ष के नए उत्साह और नए संकल्प के साथ विश्व सहायता दिवस मनाने की पहल हमारे देश भारत से की जा रही है। इसका उद्देश्य विश्वभर में जरूरतमंद, असहाय और संकटग्रस्त लोगों तक सहायता पहुंचाने की भावना को सशक्त बनाना है। इस दिवस का शुभारंभ भारत से करते हुए इसे वैश्विक स्तर पर मनाने का आह्वान किया जाएगा। विश्व सहायता दिवस के आइडिया प्रमोटर रविंद्र राठौर ने बताया कि बैतूल में 11 जनवरी को सुबह 10 बजे अंबेडकर चौक पर विश्व सहायता दिवस मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विश्व सहायता दिवस की इस अनूठी पहल की शुरुआत बैतूल से की जा रही है, जिसे एक साथ प्रदेश के लगभग 20 जिलों में मनाया जाएगा। इस संबंध में श्री राठौर ने बताया कि विश्व में अनेक दिवस मनाए जाते हैं, लेकिन सहायता और सेवा को समर्पित कोई विशेष दिवस नहीं है, इसी सोच के तहत बैतूल से विश्व सहायता दिवस मनाने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि इस दिन आमजन को भी सेवा से जुड़ने का अवसर मिलेगा और जो भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की सहायता करना चाहता है, वह सुबह निर्धारित समय पर उपस्थित होकर सेवा कार्य में सहभागी बन सकता है।इस सेवा कार्य में मुस्कान फाउंडेशन के डायरेक्टर धीरज हिराणी एवं राजेश गोहर का विशेष सहयोग रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सर्वविदित है कि जब-जब विश्व में प्राकृतिक आपदाएं, मानवीय संकट या वैश्विक चुनौतियां सामने आई हैं, तब-तब भारत ने मानवता के पक्ष में खड़े होकर प्रभावित देशों की हरसंभव सहायता की है। चाहे भूकंप, बाढ़, महामारी या युद्ध जैसे हालात रहे हों, भारत ने अपनी पारंपरिक सेवा, सहयोग और करुणा की भावना का परिचय दिया है।
इन्हीं मानवीय मूल्यों, सेवा-भाव और वसुधैव कुटुंबकम की महान भारतीय विचारधारा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूत करने के उद्देश्य से विश्व सहायता दिवस को एक नए वैश्विक दिवस के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य मानव कल्याण, आपसी भाईचारे और परस्पर सहयोग की भावना को विश्वभर में प्रोत्साहित करना है।




