बाबा साहब से जुड़े स्थलों की बदहाली पर सामाजिक संगठनों ने उठाई आवाज, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन  । संविधान चौक से अंबेडकर भवन तक उपेक्षा का आरोप, 14 अप्रैल से पहले काम पूरा कराने की मांग।

 

बैतूल। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर से जुड़े विभिन्न स्थलों की बदहाली और लंबे समय से हो रही उपेक्षा को लेकर सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर को आवेदन देकर ध्यान आकर्षित कराया है। आवेदन में कहा गया है कि जिले में अंबेडकर से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल बदहाल स्थिति में हैं, जो बाबासाहेब के आदर्शों और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान के विपरीत है।

आवेदन में बताया गया कि कलेक्टर कार्यालय गेट के सामने स्थित संविधान चौक पर केवल एक बोर्ड लगा हुआ है, जबकि यहां किसी प्रकार का सौंदर्यीकरण, मंच या अन्य संरचना का निर्माण नहीं हुआ है। दो वर्ष पूर्व बैतूल विधायक, आमला विधायक, नगर पालिका, प्रशासन और सामाजिक संगठनों की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया था और जनप्रतिनिधियों द्वारा सात लाख रुपए देने की घोषणा भी की गई थी, लेकिन अब तक निर्माण या सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू नहीं हो सका है।

कारगिल चौक स्थित अंबेडकर मांगलिक सामुदायिक भवन का निर्माण लगभग 15 वर्ष पहले सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया गया था, लेकिन अब तक यह भवन सामाजिक संगठनों को नहीं सौंपा गया है। विधायक द्वारा नगर पालिका को पत्र देने के बावजूद सामाजिक लोगों की कमेटी बनाकर भवन हस्तांतरित नहीं किया गया।

रैन बसेरा के पीछे स्थित लगभग 40 से 50 वर्ष पुराने अंबेडकर भवन की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। भवन परिसर में पैविंग ब्लॉक लगाने, पौधों की कटिंग, पुताई और अन्य मरम्मत कार्य की आवश्यकता है। यहां प्रतिदिन लोगों का आवागमन होता है, इसलिए परिसर में 10 से 12 सीमेंट की बेंच लगाने की भी मांग की गई है।

नेहरू पार्क के सामने स्थित अंबेडकर चौराहे के सौंदर्यीकरण का भी आठ माह पहले जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा भूमि पूजन किया गया था। इसके लिए 17-17 लाख रुपए की घोषणा भी की गई थी, लेकिन अब तक सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ है।

आवेदन में यह भी बताया गया कि 17 सितंबर 2024 को प्रज्ञा बुद्ध विहार डॉ. अंबेडकर भवन जामठी में भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम के दौरान बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने अंबेडकर भवन निर्माण के लिए पांच लाख रुपए की राशि ग्राम पंचायत को देने की घोषणा की थी, जबकि आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने प्रज्ञा बुद्ध विहार परिसर में फेंसिंग और अन्य कार्यों के लिए दो लाख रुपए देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद दो वर्ष बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और केवल गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। परिसर में सामाजिक सहयोग से लगाए गए वृक्षों को भी तार फेंसिंग अधूरी होने के कारण जानवरों से नुकसान हो रहा है।

सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर से मांग की है कि 14 अप्रैल को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जयंती से पहले इन सभी स्थलों के सौंदर्यीकरण, मरम्मत और विकास कार्य पूरे कराने के लिए नगर पालिका परिषद और ग्राम पंचायत को निर्देश दिए जाएं, ताकि अंबेडकर से जुड़े स्थलों को उचित सम्मान मिल सके।

इस दौरान डॉ. मनोज वरवड़े, प्रोफेसर सुखदेव डोंगरे, मधुकर पाटील, सुरेश चौकीकर, रामराव अतुलकर, संगीता कापसे, नरेश भूमरकर, डॉ. नितेश चौकीकर, हितेन्द्र शेषकर, रामदास पाटील, दिनेश मानकर, गोपाल झरबड़े, रामाराव अतुलकर, दिनेश पाटिल, तुलाराम लोखंडे, योगेन्द्र, कमल घोघरकर, एमएल चौरसिया और कमलेश मासतकर सहित अन्य सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।

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