आत्महत्या: ब्याज चुकाने में नाकाम इलेक्ट्रीशियन फांसी के फंदे पर झूला
सूदखोरों पर कारवाई नही कर पा रही पुलिस

Betul News: बैतूल। जरूरत पड़ने पर उधार ली रकम का ब्याज चुकाने में जब नाकाम हो गया तो एक इलेक्ट्रीशियन ने मौत को गले लगाने का कदम उठा लिया। जिस दुकान में काम करते हुए वह अपने परिवार का भरण पोषण करने का इंतजाम करता था उसी के भीतर फांसी का फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया।
यह घटना बैतूल शहर के गंज इलाके में अग्रवाल कॉम्पलेक्स में हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम रिपेयरिंग करने वाले ने दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दुकान संचालक के पास मिले सुसाइड नोट में पैसों के लेनदेन को लेकर परेशान होने से फांसी लगाने की बात लिखी है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मूलत: भैंसदेही ब्लॉक के बासनेरकलां गांव निवासी ज्ञानदेव लिखितकर (47) तीन साल से गर्ग कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर अग्रवाल कॉम्पलेक्स में टीवी, फ्रीज रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। बुधवार रात दुकान में उसका शव फांसी पर लटका मिला।गंज टीआई एबी मर्सकोले ने बताया कि दुकान संचालक के परिजनों द्वारा उसे लगातार फोन किया जा रहा था, लेकिन वह फोन नहीं उठा रहा था। पुलिस को सूचना दी गई तब दुकान में जाकर देखा तो शटर डाउन था। पुलिस ने शटर उठाया तो उसका शव रस्सी से लटका मिला। उसके बदन पर कपड़े नहीं थे। पुलिस ने जांच करने के बाद शव पीएम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
टीआई ने बताया शव के पास से सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं परेशान था। पैसों को लेनदेन को लेकर परेशान होने के कारण यह कदम उठा रहा हूं।




