Rss news:हमारे देश की नींव हमारी परिवार व्यवस्था हैं: हेमंत सेठिया 

हमारे देश की नींव हमारी परिवार व्यवस्था हैं: हेमंत सेठिया 

बैतूल। स्वयंसेवकों के जीवन में राष्ट्रीयता का भाव, संस्कारों का प्रगटीकरण, संघ कार्य के विस्तार एवं दृढ़ीकरण के उद्देश्य से लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम बैतूल से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बैतूल के महाविद्यालयी युवाओं का विशाल पथसंचलन निकाला गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता हेमंत सेठिया, प्रांत सहकार्यवाह मध्यभारत प्रांत, मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर प्रशांत उईके, ज़िला कार्यवाह अभिषेक खंडेलवाल और ज़िला महाविद्यालय कार्य प्रमुख महेश यादव अथिति के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता हेमंत सेठिया ने बताया जब 1925 में नागपुर के मोहते बाड़े में डॉ.केशवराव हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी, तब संघ को जानने वाले लोग कम थे। लेकिन आज संघ को कार्य करते करते 99 वर्ष हो गये हैं, और 1 वर्ष बाद हम शताब्दी वर्ष में पहुंच जाएंगे। आज के वर्तमान परिदृश्य में हर कोई संघ को जानना चाहता हैं, कि संघ क्या हैं? और करता क्या हैं? संघ का मुख्य कार्य हैं व्यक्ति निर्माण करना जिसकी पाठशाला हैं हमारे संघ की 1 घंटे की नियमित शाखा, संघ की शाखा से जो व्यक्ति निर्माण होता हैं वे लोग राष्ट्र के लिये समर्पित होकर कार्य करने की भावना रखते हैं और आवश्यकता पड़ने पर सर्वत्र न्योछावर का भाव रखते हैं। ऐसे स्वयंसेवकों के अनेकों उदाहरण हमारे सम्मुख हैं। संघ की शाखा में होने वाले कार्यक्रम समता, दंड संचालन, नियुद्ध सूर्य नमस्कार, योग, आसन से हमारे अंदर वीरता और साहस का भाव उत्पन्न होता हैं। हमें छत्रपति शिवाजी महाराज के द्वारा प्रशस्त मार्ग स्वराज्य अर्थात हमारे स्व के भाव जागरण की आवश्यकता है, रोज़गार शब्द को हम सिर्फ़ नौकरी तक सीमित नहीं करे नौकरी पाने की बजाय नौकरी देने वाली मानसिकता को प्रोत्साहित करने कि आवश्यकता आज समाज में हैं। नये नये उद्योग व्यापार और नवाचार युवा करे ऐसा आग्रह है। वर्तमान में 5 बातों का आग्रह संघ करना चाहता हैं, प्रथम है कुटुंब प्रबोधन, हमारे देश की नींव हमारी परिवार व्यवस्था हैं, परिवारों को खंडित ना होने दे सभी मिल जुलकर परिवार भाव से एक साथ रहे। दूसरा आग्रह सामाजिक समरसता का, वर्तमान परिदृश्य में यदि छुआछूत पाप नहीं हैं तो कुछ भी पाप नहीं हैं अतः सभी समाज के बंधु आपस में मिल जुलकर रहे, तीसरा आग्रह पर्यावरण संरक्षण का, आने वाले पीढ़ी को हम क्या देना चाहते है, अच्छा या बुरा पर्यावरण, ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएं पूरी मानव जाती के लिए घातक हैं। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने हैं, जल का संरक्षण करना हैं और पालिथीन का प्रयोग नहीं करना, और चौथा आग्रह हैं अपने स्व के भाव का जागरण करना जिससे हम राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचा सके एवं पांचवा आग्रह हैं नागरिक शिष्टाचार का पालन करना, जिससे हमारा राष्ट्र सर्वांगीण उन्नति करे और सदैव भारत माता की जय हो।

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