मानसून 2023: बारिश के कारण पुल-पुलियाओं पर ड्राप गेट लगाकर रखे जाएंगे चौकीदार
बैतूल में जिला आपदा प्रबंधन की बैठक में बारिश के दौरान होने वाले हादसों को रोकने बनाई रणनीति

Betul News : बैतूल। मध्यप्रदेश में मानसून की धमाकेदार दस्तक होने के कारण बारिश के दौरान होने वाले हादसों को रोकने रणनीति तैयार की जा रही है। बैतूल में प्रभारी कलेक्टर अभिलाष मिश्रा ने वर्षाकाल के दौरान दुर्घटनाएं रोकने के लिए जिले के प्रशासनिक अमले को सजग रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समस्त पुल-पुलियाओं पर सघन निगरानी रखी जाए। बांधों एवं जलाशयों पर भी संबंधित अमले की नजर रहे। बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील पुल-पुलियाओं पर ड्राप गेट लगाए जाए एवं चौकीदार तैनात रहें। निचली बस्तियां भी निगरानी में रहें एवं आवश्यकता पडऩे पर यहां के रहवासियों को आश्रय स्थलों पर शिफ्ट करने के इंतजाम किए जाएं।
मिश्रा सोमवार को आयोजित जिला आपदा प्रबंधन की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुल-पुलियाओं पर तैनात चौकीदारों का समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्यामेन्द्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले की प्रमुख नदियों एवं बांधों की जानकारी दी गई। साथ ही जिन स्थानों पर पूर्व में बाढ़ अथवा जल भराव की स्थिति बनी है उन स्थानों को रेखांकित किया गया। बाढ़ अथवा अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में सुरक्षित आश्रय स्थलों का चयन एवं वहां लोगों को शिफ्ट करने की व्यवस्था सहित बचाव दल, राहत दल एवं सर्वे दल गठन की जानकारी दी गई। जल संसाधन विभाग अंतर्गत बांधों की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए विभागीय कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को, मैदानी स्वास्थ्य अमले को सचेत कर आवश्यक दवाईयों एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु कहा गया।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत पुराने पुलों की सूची तैयार कर इन पर निगाह रखने एवं मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। डूब में आने वाले पुलों की जानकारी तैयार कर वहां बेरियर लगाने एवं चौकीदार की नामजद व्यवस्था करने के लिए भी निर्देशित किया गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से कहा गया कि पुल-पुलिया एवं रपटों पर पानी आने पर आवागमन रोकने के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग से कहा गया कि वर्षाकाल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य पर निगरानी रखें एवं मैदानी क्षेत्रों में आवश्यक दवाईयां भी उपलब्ध रहें। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को उचित मूल्य की दुकानों पर पर्याप्त राशन का भंडारण रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस विभाग को पुल-पुलियाओं पर बाढ़ का पानी आने की स्थिति पर आवागमन रोकने, सूचना तंत्र मजबूत रखें एवं जरूरत पडऩे पर आवश्यक राहत कार्य के लिए तैयार रहने के लिए भी निर्देशित किया गया। होमगार्ड विभाग को प्राईवेट तैराक, नाव एवं अन्य बचाव सामग्री तैयार रखने के निर्देश दिए गए। आवश्यक स्थानों पर प्रशिक्षित राहत दल तैनात रखने के लिए भी निर्देशित किया गया।
मत्स्य पालन विभाग को नावों एवं गोताखोरों की व्यवस्था रखने के लिए पाबंद किया गया। नगरीय प्रशासन विभाग को नगरीय क्षेत्रों में नालों एवं नालियों का मलबा साफ करवाने, बाढ़ की स्थिति में निचली बस्तियां खाली करवाने एवं उन्हें आश्रय स्थल पर सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला परिवहन अधिकारी से कहा गया कि वे वाहन चालकों को बाढ़ के पानी की स्थिति में पुल-पुलियाओं से वाहन नहीं निकालने के लिए आगाह करें।
ऊर्जा विभाग को आपातकालीन परिस्थितियों में विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। भू-अभिलेख शाखा को जिले में स्थित वर्षा मापक केन्द्रों से दैनिक वर्षा की जानकारी संकलित करने एवं मौसम केन्द्र भोपाल सहित स्टेट कामांड सेंटर व जिला कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में होमगार्ड विभाग के जिला कमांडेंट एसआर आजमी ने जिला आपदा प्रबंधन कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी।




