गारगुड में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, शिकायत करने कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण।

बैतूल। आठनेर तहसील के ग्राम गारगुड में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और पक्का निर्माण किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामवासियों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सामूहिक शिकायत कर आरोप लगाया है कि गांव की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि पंचायत और राजस्व विभाग पहले ही इसे शासकीय भूमि बता चुका है। ग्रामीणों ने तत्काल निर्माण रोकने और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार अनावेदक संतोष मर्सकोले और मानसिंह कुमरे पर आरोप है कि उन्होंने गांव के हनुमान मंदिर के सामने वन विभाग से लगी शासकीय भूमि को निजी बताकर आपस में सादे कागज पर सौदा किया और उस पर पक्का मकान निर्माण शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम पंचायत ने इस मामले को लेकर पहले भी तहसीलदार आठनेर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद हल्का पटवारी ने मौके पर पहुंचकर जमीन की नाप कर संबंधित लोगों को बताया था कि भूमि शासकीय है और उस पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। उस समय निर्माण कार्य बंद कर दिया गया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक वर्ष बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। शिकायत के मुताबिक मौके पर गड्ढे खोदकर कॉलम लगाने और प्लिंथ तैयार करने का काम तेजी से किया जा रहा है। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि 25 फरवरी और 27 फरवरी को तहसीलदार कार्यालय में दोबारा शिकायत के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे निर्माण कार्य लगातार बढ़ता जा रहा है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते निर्माण नहीं रोका गया तो शासकीय भूमि स्थायी रूप से कब्जे में चली जाएगी, जिससे भविष्य में विकास कार्य प्रभावित होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्थगन आदेश जारी कर निर्माण रुकवाने और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत करने वालों में अनिल कुमरे, सदाराम, सोमा, मंसाराम, राजेश, सद्दू, रामप्रसाद, रमेश, दामा, निलेश, बिसन, तुलसीराम, आकाश और गणेश सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।




