जिले में 14 मार्च को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन।

लोक अदालत का एक ही सार, न किसी की जीत न किसी की हार।

बैतूल। 19 फरवरी 2026

  नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय जिला न्यायालय बैतूल के साथ-साथ सिविल न्यायालय आमला, भैंसदेही, मुलताई तथा ग्राम न्यायालय, श्रम न्यायालय तथा उपभोक्ता फोरम में किया जाएगा। उक्त लोक अदालत में न्यायालयों लंबित एवं राजीनामा योग्य समस्त प्रकार के सिविल, आपराधिक, मोटर दुर्घटना एवं क्षतिपूर्ति दावा, विद्युत अधिनियम, चैक बाउन्स, ट्रैफिक चालान एवं पारिवारिक व भरण-पोषण संबंधी वैवाहिक प्रकरणों का निराकरण आपसी सहमति व राजीनामा के आधार पर किया जाएगा।इसके अतिरिक्त बैंक ऋण वसूली, विद्युत के बकाया बिल, नगरपालिका के जल कर एवं दूरसंचार विभाग के टेलीफोन बिल के प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण भी आपसी सहमति व राजीनामा के आधार पर किया जाएगा। जिला विधिक सहायता अधिकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल ने सभी नागरिकों से अपील है कि वे अपने विवादों व प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कराते हुए नियमानुसार छूट का लाभ उठाएं, क्योंकि लोक अदालत से शीघ्र व सस्ता न्याय होता है। समय व धन की बचत होती है। कोर्ट फीस वापस होती है। इसके अतिरिक्त सौहार्द्र पूर्ण हल होता है तथा प्रकरण का अंतिम रूप से निराकरण हो जाता है, जो पक्षकार अपने प्रकरणों में राजीनामा कराने के इच्छुक है वह कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय बैतूल के साथ-साथ सिविल न्यायालय आमला, भैंसदेही तथा मुलताई में संपर्क कर सकते है।

विद्युत प्रकरणों में राजीनामा के संबंध में अधिकारियों के साथ हुई बैठक

       14 मार्च 2026 को विद्युत प्रकरणों के अधिक से अधिक निराकरण तथा पक्षकारों को विद्युत प्रकरणों में शासन द्वारा दी जाने वाली छूट प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला न्यायालय में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में विद्युत प्रकरणों के न्यायाधीश एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री कैलाश नारायण अहिरवार, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सोमनाथ राय, महाप्रबंधक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री बीएम बघेल, उप-महाप्रबंधक अभय कुमार गोप एवं योगेन्द्र चौधरी तथा विद्युत विभाग के पेनल अधिवक्ता तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

       प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल द्वारा उपस्थित अधिकारियों को संमन्स की तामिली, पक्षकारों की उपस्थिति, प्रीसिटिंग बैठक तथा जमा की जाने वाली राशि के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए बिजली चोरी एवं बिजली के बकाया बिल आदि अधिक से अधिक लंबित एवं प्री लिटिगेशन प्रकरणों में राजीनामा सुनिश्चित करने के लिए समन्वय करते हुए कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया।

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