Sri Shiva Mahapuran Katha: पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भक्तों ने किया दिव्य अभिषेक
बैतूलबाजार में आयोजित की जा रही श्री शिव महापुराण कथा में बड़ी संख्या में भक्त हो रहे शामिल।

Sri Shiva Mahapuran Katha: बैतूल। बैतूलबाजार के चौकीपुरा में समस्त नगर वासियों के द्वारा आयोजित की जा रही श्री शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन शनिवार को सुबह बड़ी संख्या में भक्तों ने कथा स्थल पर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके बाद महादेव भगवान पार्थिव ईश्वर का दिव्य अभिषेक हुआ।

आचार्य पवन पाठक महाराज के सानिध्य में आयोजित किए गए इस आयोजन में माताओं, बहनों ने परिवार के साथ शिवजी का पूरे विधि विधान के साथ पूजन किया और बड़ी आस्था के साथ अभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की। दोपहर तीन बजे से आचार्य पवन पाठक महाराज के द्वारा शिव महापुराण की कथा सुनाई।

उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ का पूजन करने, शिवलिंग पर जल अर्पित करने मात्र से ही सारे दुख दूर हो जाते हैं। भगवान भोलेनाथ की कृपा जिस पर भी हो जाती है वह भवसागर से पार हो जाता है। श्री व्यास जी महाराज कहते हैं कि भगवान भोलेनाथ का नाम ही सारी दावाग्नि को समाप्त कर देता है। इसमें कोई संशय नही है यह बिल्कुल सत्य है। जो भी भगवान शिव नाम रूपी नाव में सवार हो जाता है वह पार लग जाता है। जो शिव की बात नहीं मानता है उसे संसार में कोई बचा नहीं सकता है। उन्होंने कथा सुनने वाले सभी भक्तों को सीख देते हुए कहा कि माता-पिता ने अपने सुखों का त्याग कर अाप सभी को सुख दिया है इसे ध्यान में रखें और माता-पिता की सेवा हमेशा करें। जब भी हम घर वापस आएं तो खाली हाथ न आएं। कुछ न कुछ अपने माता-पिता के लिए लेकर जरूर आएं।
शिव-पार्वती की सजीव झांकी बनाई, हुआ विवाह

बैतूलबाजार के चौकीपुरा में आयोजित की जा रही श्री शिव महापुराण कथा के आयोजन में तीसरे दिन शनिवार को शिव-पार्वती की सजीव झांकी बनाई गई और शिवजी की बरात निकाली गई। कथा स्थल पर शिव पार्वती का विवाह भी हुआ।प्राचीन शिव मंदिर से शिवजी की बरात निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में भक्त बराती बनकर चल रहे थे।
बरात में श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। शिव पार्वती विवाह के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं द्वारा कन्यादान किया गया। कथा स्थल प्रांगण में बरात के पहुंचने पर अगवानी की गई और भेंट की परंपरा का निर्वाह भी किया गया। इसके उपरांत शिव- पार्वती के विवाह का आयोजन सभी भक्तों की मौजूदगी में हुआ।




