The truth about GST loot: गंज बाजार क्षेत्र में कांग्रेस ने व्यापारियों को बताया जीएसटी की लूट का सच
कांग्रेस अध्यक्ष डागा ने गब्बर सिंह टैक्स से 8 साल की लूट के बाद सरकार के बचत ड्रामा की खोली पोल

बैतूल। सोमवार शाम 4 बजे बैतूल गंज मार्केट में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय विनोद डागा के नेतृत्व में जब कांग्रेसजन व्यापारी वर्ग से संवाद करने पहुचे, तब भाजपा की बचत उत्सव की पोल खोल दी गई। कांग्रेसियों ने खुलकर कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनाया जा रहा यह उत्सव असल में लूट और झूठ का उत्सव है। यह 8 साल की कर चोरी, जनता के शोषण और जटिल कर प्रणाली की नाकामी को छुपाने का विफल प्रयास है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने जिस प्रकार से जीएसटी को मल्टी-स्लैब जाल में फंसा दिया, उसने मध्यमवर्गीय जनता की कमर तोड़ी और छोटे व्यापारियों को पूरी तरह चौपट कर दिया। राहुल गांधी की 2017 में की गई वह भविष्यवाणी आज सच साबित हो रही है, जिसमें उन्होंने भाजपा के जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था।
कांग्रेस की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि जब केंद्र में कांग्रेस सरकार ने जीएसटी की परिकल्पना की थी, तब उसका उद्देश्य था एक देश, एक टैक्स। लेकिन मोदी सरकार ने इसे नौ-सिर वाले रावण जैसा बना दिया, जहां हर स्लैब जनता की जेब काटता है। कांग्रेसजनों ने तीखा सवाल उठाया कि यदि आज भाजपा यह दावा कर रही है कि जीएसटी दरों में कटौती से हर परिवार को 15 हजार रुपये प्रतिमाह की बचत होगी, तो क्या इसका अर्थ यह नहीं कि 1 जुलाई 2017 से अब तक हर परिवार से हर महीने 15 हजार की लूट की गई? मतलब एक परिवार से 1.80 लाख रुपये प्रतिवर्ष और आठ साल में 15 लाख रुपये? यह वही 15 लाख नहीं है, जिसका वादा भाजपा ने किया था लेकिन देने के बजाय जनता की जेब से लूट लिया।
– बचत का उत्सव जले पर नमक छिड़कने जैसा
उन्होंने आगे कहा, अब जब केंद्र की भाजपा सरकार को जनता के आक्रोश का डर सताने लगा है, तो जीएसटी दरों में मामूली कटौती कर इसे बचत का उत्सव बता रही है। असल में यह जले पर नमक छिड़कने जैसा है। किसानों, छात्रों, महिलाओं, व्यापारियों सबका शोषण करके अब खुद को रहमदिल बताना भाजपा का नया पाखंड है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि मोदी सरकार ने जिस जटिल टैक्स ढांचे को लागू किया, उसमें अन्न, दाल, किताबें, पेंसिल, इलाज, ट्रैक्टर – हर चीज पर टैक्स लादा गया। जो चीजें कांग्रेस सरकार के प्रस्तावित जीएसटी में 0 प्रतिशत या 5 प्रतिशत स्लैब में थीं, उन्हें भाजपा ने 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की भारी दरों में ढकेल दिया। और अब जब महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, तो वही सरकार दरें कम कर खुद को बचत का मसीहा दिखाना चाह रही है।
– 55 लाख करोड़ की हुई वसूली
भाजपा सरकार द्वारा लागू जीएसटी में जहां 5 स्लैब और सेस के जरिए जनता से 55 लाख करोड़ की वसूली हुई, वहीं कांग्रेस के प्रस्ताव में एक सिंगल स्लैब और कोई सेस नहीं था। कांग्रेस ने एक पारदर्शी, सरल और समझने लायक व्यवस्था दी थी, जिसमें न तो छोटे व्यापारियों का गला घुटता और न ही मिडिल क्लास बर्बाद होता।कांग्रेसजनों ने कहा कि अब भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह जवाब देना होगा कि इस लूट की भरपाई कैसे की जाएगी? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस एक बार फिर देश को सरल, एकीकृत और जनहितैषी टैक्स व्यवस्था देने के लिए संघर्ष करेगी और जब सरकार में आएगी तो इस गब्बर सिंह टैक्स को खत्म करेगी।





