उद्योगों से जुड़कर छात्रों को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण।
बैतूल जिले में केवल जेएच कॉलेज में उपलब्ध कार्यक्रम। बीकॉम-बीएफएसआई के जरिए बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में अवसर।

बैतूल। उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत एईडीपी (अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम) का संचालन बैतूल जिले में केवल जेएच कॉलेज में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री के साथ-साथ व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता अर्न व्हाइल यू लर्न मॉडल है, जिसके तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के अंतिम सेमेस्टरों में किसी उद्योग या कंपनी में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलता है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान छात्रों को 12500 रुपए मासिक स्टाइपेंड भी प्रदान करने का प्रावधान है। जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल के अनुभव के साथ-साथ कमाई का भी अवसर प्राप्त होता है।
एईडीपी के तहत तीन वर्षीय डिग्री कार्यक्रम में कम से कम एक और अधिकतम तीन सेमेस्टर तक अप्रेंटिसशिप का प्रावधान है, जबकि चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रम में दो से चार सेमेस्टर तक उद्योग आधारित प्रशिक्षण कराया जाता है। शुरुआती वर्षों में विद्यार्थियों को कक्षा आधारित शिक्षा दी जाती है, जबकि अंतिम चरण में उन्हें पूर्णकालिक अप्रेंटिसशिप के लिए उद्योगों में भेजा जाता है।
कॉलेज में बीकॉम-एईडीपी के अंतर्गत बीएफएसआई (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस) पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को अकाउंटिंग, फाइनेंस, टैक्सेशन, बैंकिंग कानून, निवेश प्रबंधन और बीमा से जुड़े विषयों का अध्ययन कराया जाता है। साथ ही डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय विश्लेषण और ग्राहक सेवा जैसे व्यावहारिक कौशल भी विकसित किए जाते हैं।
पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सलाहकार, रिलेशनशिप मैनेजर, अकाउंटेंट, टैक्सेशन एनालिस्ट, बीमा क्षेत्र के विभिन्न पदों तथा कॉर्पोरेट ट्रेनी जैसे रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। जे एच कॉलेज में एईडीपी पाठ्यक्रम के नोडल प्रो राकेश पवार ने बताया कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रोजगार की संभावनाओं को मजबूत बनाता है।




