मोह-माया से मुक्ति का मार्ग है श्रीमद्भागवत कथा : पं.गोविंद महाराज।
सावंगी में भागवत कथा के दूसरे दिन भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश।

बैतूल। आठनेर क्षेत्र के ग्राम सावंगी में चढ़ोकार परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन परम पूज्य पंडित गोविंद महाराज ने अपने मुखारविंद से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को मोह-माया और सांसारिक बंधनों से मुक्त कर प्रभु भक्ति की ओर अग्रसर करता है।
महाराज श्री ने कहा कि मानव जीवन भौतिक सुखों के उपभोग के लिए नहीं, बल्कि प्रभु की भक्ति में लीन होकर इस लोक और परलोक दोनों को सुधारने का दुर्लभ अवसर है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु की शरण से बड़ा कोई सुख और संपत्ति नहीं है तथा कथा श्रवण से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित गोविंद जी महाराज अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को कथा रसपान करा रहे हैं। मुख्य यजमान मन्साराम चढ़ोकार ने बताया कि इस दिव्य आयोजन में ग्राम सावंगी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति संगीत, भजनों की प्रस्तुति और महाराज श्री के प्रेरक प्रसंगों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया है।




