serial hunger strike:शहर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर आप नेता राकेश सिंह ने शुरु की क्रमिक भूख हड़ताल
जुआ, सट्टा, अवैध शराब, अवैध रेत खनन के खिलाफ शुरू की मुहिम

बैतूल। जिले के सारनी नगर पालिका क्षेत्र में बढ़ते अवैध कारोबार अपराधिक, घटनाओं के खिलाफ प्रशासन अलर्ट नही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब समाजसेवी और राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के नेता राकेश सिंह ने सारनी नगर पालिका क्षेत्र के जालंत मुद्दों को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है गौरतलब है कि सारनी समेत आसपास के क्षेत्रों में अवैध कारोबार करने वालों के हौंसले बुलंद है। इन्हें पुलिस और प्रशासन का कोई भय नहीं है। सूत्रों के अनुसार यह अवैध कारोबार संबंधित विभाग से सांठगांठ कर बेरोक टोक किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी द्वारा क्षेत्र की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सतत धरना प्रदर्शन जारी रहा। आज छठवें दिन भूख हड़ताल कर क्षेत्र में फल फूल रहे जुआ सट्टा अवैध शराब अवैध रेत खनन परिवहन अवैध रूप से शासकीय उपक्रम एवं वन विभाग की भूमि में गली-गली अवैध शराब का बेखौफ संचालन, कोयला खदान में बेखौफ चोरिया, जानलेवा हमले, बैतूल परासिया राजमार्ग पर बढ़ती मौत रूपी सड़क दुर्घटना इन प्रमुख मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता राकेश सिंह शिबू विश्वकर्मा भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन सभी मांगों का जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन आबकारी विभाग वन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभाग द्वारा निराकरण नहीं किया जाता, तब तक आम आदमी पार्टी अनिश्चितकालीन के लिए अपना धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल जारी रखेगी क्योंकि क्षेत्र की जनता काफी परेशान हो चुकी है।
— क्षेत्र में चल रहा है सट्टा बाजार–
आप नेता राकेश सिंह ने बताया सारनी और आस पास क्षेत्र में सट्टेबाजी का कारोबार तेजी से चल रहा है। संचार क्रांति के इस दौर में आनलाइन बाजियां लगाई जा रहीं हैं। ऐसे में जहां क्षेत्र में सक्रिय सटोरियों की मौज है, वहीं क्षेत्र के गरीब और मजदूर वर्ग के लोग अपनी खून पसीने की कमाई इन अंको के हेर फेर में गंवा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि केवल उम्रदराज लोग ही सट्टा खेल रहे हैं,बल्कि कम उम्र के युवा भी अंकों में दांव लगाकर अपना कैरियर खराब कर रहे हैं। फिलहाल सट्टे का अब रूप बदल गया है। पेन, कागज की जगह मोबाईल ने ले ली है। अब सट्टा ऑन लाईन खिलाया जा रहा है। यह सट्टा कारोबार पुलिस की गिरफ्तर से काफी दूर है। जिसके कारण क्षेत्र में सट्टे पर लगाम नहीं लग पा रही है।
— जमकर बिक रही अवैध शराब–
अवैध रूप से गांव गांव में शराब बिक रही है। शराब खरीदने के लिए शराब दुकान जाने की जरूरत नहीं है। जगह-जगह शराब के अवैध अड्डे होने से सरलता से शराब उपलब्ध होने से समाज में शराबखोरी बढ़ रही है और पारिवारिक विवाद के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं बात करें तो संबंधित विभाग और पुलिस आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ लाहन और कच्ची शराब पकड़ कर मामले बनाकर वाह वाही लूटने में लगी हुई है।
— अवैध रेत उत्खनन अपने चरम पर–
क्षेत्रों में दिन रात से अवैध रेत खनन परिवहन अपने चरम पर है। आलम यह है कि दिन रात ट्रेक्टर ट्राली में रेत भरकर निर्माण स्थल तक परिवहन कर विक्रय किया जा रहा है और शासन को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। चोरी की रेत लेकर गाडियां पुलिस चौकी के सामने से बेरोकटोक निकलती रहती हैं और कोई रोक टोक करने वाला नहीं है रोड पर बेलगाम भागते इन ट्रेक्टरो से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चोरी की रेत डंप भी की जा रही है और इन तेज रफ्तार भागते हुए वाहनों से किसी भी समय कोई बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता परन्तु पर कोई बोलने वाला नहीं है। अवैध रेत खनन मामले में तो बड़े पैमाने पर सांठगांठ कर रेत माफिया से बड़ी वसूली की बात जनचर्चा का विषय है। जहां जिला खनिज विभाग के कार्यवाही के लिए निकलते ही माफियाओं के गुर्गों द्वारा सभी जगह अलर्ट भेज दिया जाता है और विभाग की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है परंतु पुलिस विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बहरहाल देखते हैं इन अवैध गतिविधियों पर प्रशासन कब तक रोकथाम लगाता है।




