scam: नीमपानी के सचिव ने फर्जी बिल लगाकर किए लाखों के वारे न्यारे

रिश्तेदारों की फर्म का बिल लगाकर किया फर्जी भुगतान

फोटो -शिकायतकर्ता तरुण कुमार गुप्ता

बैतूल। जिले के घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नीमपानी में इन दिनों लाखों रुपए का बड़ा घोटाला सामने आया है। ग्राम सचिव ने फर्जी तरीके से राशि आहरित करने के लिए रिश्तेदारों की फर्म का सहारा लिया और उन्हीं के नाम राशि आहरित कर लाखों के वारे न्यारे कर दिए है। इस मामले की शिकायत ग्रामीण तरुण कुमार गुप्ता ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ से की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम पंचायत नीमपानी के सचिव संजीव नामदेव द्वारा फर्जी बिल लगाकर पंचायत की राशि निकाली जा रही है। अपने परिचित लोगों की मनरेगा के काम पर बिना मजदूरी हाजिरी भरकर शासकीय राशि का गबन किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ता तरुण कुमार गुप्ता ने उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। आवेदक का कहना है कि यदि उच्च स्तरीय जांच हुई तो बहुत बड़ा घोटाला सामने आएगा। इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी की गई है।
— मामले पर एक नजर–
शिकायतकर्ता तरुण कुमार गुप्ता द्वारा सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत नीमपानी के सचिव संजीव नामदेव के द्वारा ग्राम पंचायत के मनरेगा के मेट मुकलु के परिवार के सदस्य मेट की मां बसन्ती, भाभी भदोली, भाई मुकनलाल को फर्जी भुगतान किया गया है जबकि इनके द्वारा कभी कोई कार्य नही किया गया। मेट मुकलु का परिवार आमागोहन में रहता है जबकि कार्यस्थल परकोलेशन टैंक निर्माण इंदरलाल मानक के खेत के पास नीमपानी में मेट की मां बसन्ती को भुगतान किया गया है। परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य दीपक के खेत के पास स्वीकृत हुआ, लेकिन आमागोहान में संजय यादव को मज़दूरी का भुगतान किया है जो कि पाढर हॉस्पिटल में कार्य करते है। संजय यादव द्वारा कभी ग्राम पंचायत में न तो कार्य किया गया और ना ही ग्राम पंचायत से कोई कार्य की मांग की गई,उसके बाद भी सचिव द्वारा भुगतान कर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। आमगोहान में उनके स्वयं के रिश्तेदार की फर्म ईशान्वी ट्रेडर्स का बिल लगाकर भुगतान किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि फर्म के लगाए बिल पूरी तरह से फर्जी है, इस फर्म की विस्तृत जांच की जाए और जितनी राशि का आहरण इस फर्म के नाम से किया गया है उसकी पूरी वसूली सचिव से की जाए।

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