समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक बने राजेश मंसूरिया, विदाई समारोह बना ऐतिहासिक अवसर

बैतूल। 40 वर्षों की सेवायात्रा के बाद, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी राजेश मंसूरिया की सेवानिवृत्ति का समारोह में एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। स्थानीय लिंक रोड स्थित विद्युत विभाग कार्यालय से कस्तूरी बाग तक, बैंड-बाजे के साथ निकाली गई सम्मान रैली में राजेश मंसूरिया के सम्मान में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। रास्ते में विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा से मंसूरिया का अभिनंदन किया।
कस्तूरी बाग में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राजेश मंसूरिया के सेवायात्रा के प्रमुख पड़ावों को साझा किया गया। उनके जीवन संघर्ष और सेवाभावना को सुनकर सभी सम्मान में खड़े हो गए। भारतीय मजदूर संघ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और ग्राम भारती के सरस्वती स्कूल में जिला सचिव जैसे प्रमुख पदों पर रहकर मंसूरिया ने अपनी सेवाओं का अनवरत विस्तार किया। वे बिजली कर्मचारी महासंघ के वृत्त अध्यक्ष और वर्तमान में मत्स्य मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, जिससे उन्होंने समाज और हिंदू संस्कृति के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि, दत्तोपंथ ठेगड़ी श्रमिक शिक्षा बोर्ड, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय अध्यक्ष मधुकर साबले ने अपने संबोधन में मंसूरिया की सेवाभावना को सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का दूसरा नाम बताया। उन्होंने मंसूरिया के 40 वर्षों के समर्पण को मानव कल्याण और हिंदू संस्कृति के प्रति अभूतपूर्व योगदान बताया। राजेश मंसूरिया के इस कार्यक्रम में उनके परिवार से पत्नी अंजु मंसूरिया, बेटी संस्कृति मंसूरिया और परिवार के सदस्यों ने सभी संगठनों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया।




