Protest : प्लांटेशन के नाम पर गांव से आदिवासियों को बेदखल करने का विरोध

डूडा बोरगांव के सैकड़ों आदिवासी बैतूल विधायक के नेतृत्व में पहुंचे कलेक्ट्रेट

Today Betul News : बैतूल। भले ही भाजपा अपने आप को आदिवासियों की हितैषी सरकार कहे, लेकिन वास्तविकता ये है कि,भाजपा खासतौर से आदिवासी भाइयों के लिए अत्यचारी ही साबित हुई है। यह कहना है बैतूल विधायक निलय डागा का, जिनके पास सोमवार डूडा बोरगांव के सैकड़ों आदिवासी अपना दुखड़ा लेकर पहुंचे थे। दरअसल, इन आदिवासियों को प्लांटेशन के नाम पर इनकी जमीनों से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। जिसके बाद लगभग 1 हजार आदिवासियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। जैसे ही इसकी जानकारी बैतूल विधायक को मिली वे एवं जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा तत्काल सभी आदिवासियों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। इस गम्भीर मामले को लेकर कलेक्टर से विस्तृत चर्चा की, फिलहाल विधायक निलय डागा के अनुरोध पर कलेक्टर ने तत्काल इस पर रोक लगाए जाने का आश्वासन दिया है।

3 पीढ़ी से कर रहे खेती

इस मामले को लेकर पीड़ित आदिवासियों का कहना है कि, गढा मध्यम परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाली 17.014  हेक्टेयर राजस्व वन भूमि के बदले दो गुनी राजस्व भूमि हस्तांतरित करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा मौजा डूंडाबोरगांव स्थित खसरा नं- 322/1/1, 316, 317, 318, 319, 320 व 321 कुल रकबा 34.028हे. राजस्व वन भूमि वन विभाग को वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु राजस्व विभाग द्वारा हस्तांतरित की जा रही है, जिसमें ग्राम डूंडाबोरगांव आदिवासी परिवार विगत 3 पीड़ियों से कृषि कार्य कर अपना जीवन यापन करते आ रहे हैं। यदि इस तरह से वर्षों से काबिज आदिवासियों को बेदखल किया जाएगा तो लगभग 1 हजार परिवार सीधे सीधे रोजी रोटी से वंचित हो जाएंगे।

पीड़ित आदिवासियों ने कलेक्टर को बताया कि ग्राम स्वराज के तहत शासन ने ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं में लिए गए निर्णयों को सर्वोपरि बताया है। लेकिन आदिवासियों की भूमि पर पौधारोपण कार्य करने से सैकड़ों आदिवासी परिवारों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ेगा, पूर्व में इस मामले को ग्रामसभा पंचायत कोदारोटी द्वारा संज्ञान में लिया गया था। राजस्व वन भूमि वन विभाग को हस्तांतरित ना किये जाने को लेकर ग्राम सभा में असहमति भी दी गई हैं। बावजूद इसके आदिवासी परिवारों को बेदखल करने की तैयारी की जा रही है। जिससे आदिवासी संगठनों में भी आक्रोश व्याप्त हो रहा है। अतः इस गम्भीर मसले को द्रष्टिगत रखते हुए उपरोक्त खसरा नं. की भूमि पर काबिज आदिवासियों को स्थाई पट्टा देने हेतु आदेशित करते हुए बेदखली की कार्यवाही तत्काल रोकी जाए।

किसी भी कीमत पर आदिवासी भाइयों को नही होने देंगे बेदखल

पूरे मामले को लेकर विधायक निलय डागा ने आदिवासियों पर किये जा रहे अत्याचार पर अपना तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में इसी जमीन पर कांग्रेस सरकार द्वारा वुडन क्लस्टर स्थापित किये जाने की योजना तैयार की जानी थी। लेकिन हमारा कोई भी आदिवासी भाई इससे प्रभावित ना हो इसके लिए पूरा प्रोजेक्ट ही कैंसिल कर दिया गया था। अब भाजपा सरकार पुनः इसी जमीन पर प्लांटेशन किये जाने की कोशिश कर रही है। लेकिन यह किसी भी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा। यदि ऐसा किया जाता है तो आदिवासियों के हक में कांग्रेस को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान कांग्रेस नेता हर्षवर्धन धोटे, मिथलेश सिंह राजपूत, आकाश भाटिया, यतीन्द्र सोनी समेत बड़ी संख्या में आदिवासी मौजूद थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button