आदिवासी अंचलों में वर्षों तक काम करने वाले पेसा मोबिलाइजरों को अचानक किया सेवा मुक्त।
जयस जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे के नेतृत्व में प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन।

बैतूल। पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं समाप्त किए जाने के आदेश के विरोध में अब जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन भी खुलकर मैदान में उतर आया है। जयस जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे के नेतृत्व में पेसा मोबिलाइजरों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर सेवा समाप्ति आदेश को तत्काल निरस्त कर पूर्ववत सेवा बहाल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 89 आदिवासी विकासखंडों में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत वर्ष 2021 से पेसा मोबिलाइजर कार्यरत थे। संचालनालय पंचायत राज भोपाल द्वारा 18 मई को जारी आदेश के तहत योजना की अवधि समाप्त होने और नई नीति प्रक्रियाधीन होने का हवाला देकर पेसा मोबिलाइजरों को तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त कर दिया गया। इससे कर्मचारियों के सामने रोजगार और परिवार पालन का संकट खड़ा हो गया है।
जयस जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे ने कहा कि पेसा मोबिलाइजरों ने वर्षों तक आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को मजबूत करने, पेसा एक्ट और वनाधिकार कानून के प्रति जागरूकता फैलाने, गौण वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों में मार्गदर्शन देने तथा शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी, राशन, पेंशन, जॉब कार्ड और विभिन्न ई-केवाईसी कार्यों में भी पेसा मोबिलाइजरों ने जमीनी स्तर पर सक्रिय सहयोग दिया।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण मध्यप्रदेश को देश के 10 राज्यों में दूसरा स्थान मिला था। इसके बावजूद अचानक सेवा समाप्ति आदेश जारी करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। जयस ने शासन से मांग की है कि आदेश को तत्काल निरस्त कर सभी पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं यथावत बहाल की जाएं।




