Disaster response centers established in four police station areas: हर साल बढ़ रहे बाढ़ में मौत के आंकड़े, इस साल होमगार्ड ने की यह व्यवस्था
डीआरसी केंद्रों पर 5 जवान और एक नाव तैनात; एसडीआरएफ की रिजर्व टीम में 15 जवान

बैतूल। जिले में बाढ़-आपदा से निपटने के लिए होमगार्ड द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिले के चार थाना क्षेत्रों में डिजास्टर रिस्पांस केंद्र (डीआरसी) स्थापित किए गए हैं, जिनमें मुलताई, सारणी, शाहपुर, और भैंसदेही शामिल हैं। इन केंद्रों पर 5-5 जवानों की तैनाती की गई है और एक-एक नाव भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि आपदा के समय तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
इसके साथ ही दो क्विक रिस्पांस टीमें भी गठित की गई हैं, जिनमें 4-4 जवान शामिल हैं। डिस्ट्रीक कमांडेंट की रिजर्व टीम में 4 जवान तैनात हैं, जबकि एसडीआरएफ की टीम में 15 जवानों को रिजर्व में रखा गया है, जो तुरंत मदद के लिए तैयार रहेंगे। पिछले साल, 2023 में, जिले में 22 लोगों ने नदी-नालों और तालाब में डूबकर अपनी जान गंवाई थी। होमगार्ड की एसडीआरएफ टीम ने विगत तीन वर्षों में 74 रेस्क्यू अभियान चलाए हैं, जिनमें 2021 में 17, 2022 में 31, और 2023 में अब तक 26 रेस्क्यू अभियान शामिल हैं। प्लाटून कमांडर सुनीता पंद्रे ने बताया कि जवानों को हर सप्ताह उपकरणों की टेस्टिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
होमगार्ड के पास उपलब्ध उपकरण:
होमगार्ड के पास बाढ़-आपदा से निपटने के लिए कई उपकरण मौजूद हैं। इनमें लाइफ बाय 62, लाइफ जैकेट 106, आस्का लाइट 03, कटर मशीन 03, ऑक्सीजन सिलेंडर 01, ब्रिथिंग ऑपरेटर 04, ड्रैगन टार्च 10, एलईडी टार्च 89, स्नेक कैचर 07, फर्स्ट एड बॉक्स 17, स्ट्रक्चर 15, अग्निशमन यंत्र 08, गमबूट 35, रेस्क्यू वाहन 02, वॉटर प्रूफ टेंट 25, फ्लोट्रिंग पंप 02, और रिफलेक्टेड जैकेट 101 शामिल हैं।
जनजागरूकता कार्यक्रम:
होमगार्ड द्वारा शैक्षणिक संस्थानों और गांवों में भी बाढ़-आपदा से बचाव के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आपदा के समय सतर्क रहने और सही कदम उठाने के तरीके सिखाए जाते हैं।




