चिचोली की जनसुनवाई में एनएसयूआई ने उठाए भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के मुद्दे
अमृत 2.0 योजना समेत नगर परिषद के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग

बैतूल। चिचोली की जनसुनवाई में मंगलवार को उस समय माहौल गंभीर हो गया, जब एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने नगर की बदहाली, कथित भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे कलेक्टर के समक्ष सिलसिलेवार रखे। एक के बाद एक लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत तथ्यों को सुनकर सभाकक्ष में मौजूद अधिकारी कुछ पल के लिए सन्न रह गए और पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से सुनते रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन पर नियमानुसार जांच कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हर्ष भुसारी ने कहा कि चिचोली नगर पेयजल संकट, दूषित जलापूर्ति और जर्जर सड़कों की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना के तहत कई स्थानों पर पाइपलाइन नालियों के भीतर से बिछाई गई है, जिससे पेयजल दूषित होने की आशंका है। उन्होंने योजना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने नगर परिषद द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई निर्माण पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने जीईएम पोर्टल के माध्यम से स्ट्रीट लाइट खरीदी तथा अन्य वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं की जांच और उच्चस्तरीय ऑडिट कराने की भी मांग की।
मांगपत्र में नगर में बढ़ते अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई, तपश्री ग्राउंड के समतलीकरण, विद्यालयों के सामने स्पीड ब्रेकर एवं चेतावनी संकेतक लगाने, किसानों को कृषि सीजन में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, कालाबाजारी रोकने तथा जर्जर सड़कों, अधूरी नालियों और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का समयबद्ध निराकरण कराने की मांग भी शामिल की गई।
– आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभागों को प्रस्तुत बिंदुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर हर्ष भुसारी ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होना चाहिए।




