Betul news: मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुलताई आगमन पर भीषण गर्मी में भीड़ इकट्ठा करने के निर्देश पर विवाद
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महिलाओं को साथ लाने के निर्देश, सीटू यूनियन ने की निंदा

बैतूल। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन के संरक्षक और सीटू के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य, कामरेड कुन्दन राजपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 14 जून 2024 को प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुलताई आगमन पर जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजरों द्वारा मोबाइल मैसेज के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने गांव से एसएचजी की महिलाओं और लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को साथ लेकर मुलताई जाएं।
मैसेज में सभी महिलाओं को अपने साथ भोजन (टिफिन) और पानी की बोतल लाने के लिए कहा गया है। मुलताई आने-जाने के लिए पंचायतों के सचिवों से संपर्क कर वाहन की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। इस भीषण गर्मी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से भीड़ जुटाने के लिए कहा जाना कितना उचित है, इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कामरेड कुन्दन राजपाल ने कहा कि यदि इस सफर में कोई दुर्घटना होती है या महिलाएं या स्वयं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बीमार हो जाते हैं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? क्या जिला प्रशासन और राज्य सरकार जिम्मेदार होंगे? उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बैतूल आगमन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गांव की महिलाओं और लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को बुलाने के लिए कहा गया था, जिसमें प्रभात पट्टन ब्लॉक की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ने के कारण मृत्यु हो गई थी और उसके परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई थी।
सीटू यूनियन ने इन निर्देशों की कड़ी निंदा की है और जिले के समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में न जाएं और न ही किसी अन्य महिलाओं को लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इतने गैरजिम्मेदार कैसे हो सकते हैं कि उन्हें ना गर्मी, ना बरसात, ना सर्दी दिखाई देती है, सिर्फ नेताओं को खुश करने और उनके कार्यक्रमों की भव्यता दिखाने की चिंता है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया है कि वे सुबह 10 बजे तक मुलताई पहुंचें और पानी व भोजन साथ लाएं ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने। साथ ही, वे पंचायत सचिवों से संपर्क कर गाड़ी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।



