अच्छी खबर: टनल में फंसे मजदूरों तक पहुंचा बचाव दल, 16 दिन बाद देख पाएंगे सूरज
16 दिन, आठ घंटे और 30 मिनट की मेहनत के बाद मिली कामयाबी

रेस्क्यू आपरेशन: उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों तक मंगलवार को बचाव दल पहुंच गया। सभी को बाहर निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पिछले 16 दिन आठ घंटे से 41 श्रमिक इस अंधी सुरंग में क़ैद थे जो आज खुली हवा में सांस लेंगे
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टनल का देश का आज तक का यह सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन था। केंद्र और राज्य सरकार के तमाम संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय टनल वैज्ञानिकों की उपलब्धता, PMO की क्लोज मॉनिटरिंग के चलते आपरेशन सफल हुआं।

सिलक्यारा सुरंग में रैट माइनर्स की टीम ने तेजी के साथ सुरंग की खुदाई पूरी की। ब्रेक थ्रू के बाद सबसे पहले एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवानों को पाइप के जरिये भीतर भेजा। वहां श्रमिकों के साथ बातचीत के बाद इनको स्ट्रेचर के माध्यम से बाहर निकालना शुरू किया।एनडीआरएफ की टीम सुरंग में पुली ट्राली लेकर पहुंची। इसी पुली ट्राली से जरिये श्रमिक अस्थाई सुरंग से बाहर निकाले।

सुरंग के भीतर जहां श्रमिक फंसे हुए थे, वहां का तापमान लगभग 30 से 35 डिग्री पर है, जबकि सुरंग के बाहर सिलक्यारा का वर्तमान तापमान 10 डिग्री के आसपास है। चूंकि, श्रमिक 17 दिन तक 30 से 35 डिग्री तापमान में रहे हैं, ऐसे में उन्हें एकदम से बाहर 10 डिग्री तापमान में नहीं लाया जाएगा।




