Learn how to check water quality: 10 ग्रामों के जल एवं स्वच्छता समिति सदस्यों ने सीखी पानी की गुणवत्ता जांचने की विधि

रामपुरमाल भ्रमण के साथ जल गुणवत्ता और स्थानीय कौशल विकास पर चर्चा

बैतूल। जल जीवन मिशन के तहत बैतूल जिले के कासा रिसोर्स सेंटर, नीमपानी में 6 जनवरी से 8 जनवरी तक तीन दिवसीय समुदाय स्तरीय हितधारकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यपालन यंत्री मनोज बघेल, जिला समन्वयक भूपेंद्र मेनवे और ग्रामोद्योग संस्थान के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम में 10 ग्रामों के ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीणों को पानी की गुणवत्ता जांचने की विधि सिखाना और जल में मौजूद रासायनिक तत्वों के प्रभाव से अवगत कराना था। जल जीवन मिशन के मास्टर ट्रेनर महेश गुंजेले ने बताया कि पानी की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण जरूरी है, क्योंकि रासायनिक तत्वों की अधिकता मानव शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

सदस्यों को पानी में पीएच मान, क्लोरीन, हार्डनेस, नाइट्रेट, फ्लोराइड, आयरन, और अन्य तत्वों की जांच की विधि सिखाई गई। साथ ही, रसायनों के अधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान सदस्यों को बताया गया कि नाइट्रेट से ब्लू बेबी सिंड्रोम, फ्लोराइड से फ्लोरोसिस, आर्सेनिक से कैंसर और अन्य बीमारियां हो सकती हैं। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में शुद्ध पानी पहुंचाना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा।

दूसरे दिन प्रतिभागियों को रामपुरमाल का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने सामाजिक मानचित्रण और जल संरक्षण से संबंधित कार्यों का अवलोकन किया। तीसरे दिन जल निगरानी और स्थानीय कौशल विकास पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर महेश गुंजेले, अंकित सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह वर्मा, देवेंद्र कदम, निलेश रघुवंशी, और भोपाल के विलेज इंडिया कल्याण संस्थान के अंकित वर्मा और बरखा नागले सहित पंचायत सरपंच, सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और पंप ऑपरेटर की भूमिका सराहनीय रही।

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