Job Scam: सरकारी नौकरी दिलाने वाले ठग के माता-पिता और बहन तलाश करते थे शिकार
शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देखकर ठगी करने वाले पांच गिरफ्तार, 100 से अधिक लोगों से ठगे 2 से 3 करोड़

Betul Crime News : बैतूल। अपने माता-पिता और बहन को बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के सपने दिखाकर झांसे में लेने और फिर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले ठग का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। मुख्य आरोपित समेत पांच लोगाें काे गिरफ्तार कर फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि शातिर ठग ने अब तक 120 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है और उनसे 2 से 3 करोड़ रुपये हड़प लिए हैं। आरोपितों को रिमांड पर लेकर पुलिस बारीकी से पूछताछ कर पूरे गिरोह को पकड़ने का प्रयास कर रही है।

शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से राशि लेकर ठगी करने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि शाहपुर थाना क्षेत्र के पतौवापुरा निवासी लोकेश कुमार नामदेव ने इस संबंध में शिकायत की थी। सरकारी नौकरी दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ठगी किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की गई। मुख्य आरोपी बडोरा निवासी विशाल जैसवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आ गया।

आरोपी विशाल के द्वारा अपने पिता प्रेमचंद्र जैसवाल, माता सुशीला जैसवाल , बहन अंजना जैसवाल एवं भोपाल निवासी शुभम जोशी जो सात नंबर बस स्टाप पर एमपी आनलाइन का काम करता है, उसके साथ मिलकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अपने झांसे में लिया जाता था। विशाल लोगों को शिक्षा विभाग में बेसिक अधिकारी के पद पर पदस्थ होने की जानकारी देने के साथ ही मध्यप्रदेश शासन लिखी कार में सवार होकर घूमता था।इससे लोग उसे सरकारी अधिकारी समझ जाते थे और कम्प्यूटर आपरेटर या लिपिक के पद पर नौकरी पाने के लिए राशि दे देते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी विशाल के पास दो आईफोन मिले हैं उनमें जो जानकारी है उसके आधार पर करीब 100 लोगों से दो से तीन करोड़ रूपये की ठगी करने की संभावना है। आरोपित के द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण के आदेश तैयार किए जाते थे।

विशाल जैसवाल के कब्जे से फर्जी सील, दो मोबाइल फोन, लेपटाप, फर्जी नियुक्ति पत्र एवं अन्य अवैध रूप से तैयार किए गये फर्जी दस्तावेजों को जप्त किया गया है। सह आरोपित शुभम जोशी निवासी भोपाल के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कम्प्यूटर ,सीपीयू एवं प्रिंटर जप्त किया गया है।पुलिस ने लोकेश कुमार नामदेव शाहपुर और मुकेश नामदेव निवासी भैसदेही से सात लाख 80 हजार रूपये की ठगी की है। इनकी रिपोर्ट पर आरोपितों के खिलाफ थाना गंज और बैतूल बाजार में धारा 420, 467, 468, 470, 471, 34 का अपराध पंजीबद्ध किया है।
वाटरमार्क पेपर पर बनाते थे नियुक्ति पत्र:
सरकारी नौकरी दिलाने के लिए लोगों जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर दिए जाते थे उन्हें वाटर मार्क पेपर पर जिसमें भारत सरकार का लोगो लगाकर तैयार किया जाता था। इसके अलावा लेटरहेड पर भारत सरकार का चिन्ह एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश का लोगो भी प्रिंट है। जो दस्तावेज बरामद हुए हैं उसमें लिखा है कि भारतीय माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सीधी भर्ती की जाती है और इसमें 35 हजार 503 रुपये प्रतिमाह वेतन पर स्थायी पद पर नियुक्ति की जाएगी। इस लेटरहेड पर बेसिक शिक्षा अधिकारी वीएल जैसवाल भी अंकित है और उस पर सील भी लगी हुई है। विशाल के मोबाइल से जो डेटा मिला है उससे पता चला है कि 120 से अधिक लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
ठगी के मामले में नकद राशि के अलावा आनलाइन भी बैंक खातों में राशि जमा कराई गई है।सभी बैंक खाताें में हुए लेन देन की जानकारी पुलिस जुटा रही है। आठनेर थाना क्षेत्र के कोयलारी निवासी दिलीप पिता रामजी सुजाने ने बैतूलबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई है।शिकायत में कहा गया है कि विशाल जैसवाल से संपर्क किया तो दिलीप को शिक्षा विभाग में कम्प्यूटर आपरेटर की नौकरी लगवा देने का लालच देकर पांच लाख रुपये की मांग की। दो लाख पहले और तीन लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई। दिलीप ने भरोसा कर अरविंद हारोड़े, अजय सूर्यवंशी, प्रीति घिडोडे, राहुल पाल, योगेश मायवाड़ एवं विजय बोरवन की भी नौकरी लगवा देने की बात की और 10 लाख रुपये विशाल को दिए हैं।
भोपाल के एमएलए रेस्ट हाऊस का कनेक्शन
दिलीप सुजाने ने पुलिस को जानकारी दी है कि विशाल जैसवाल ने बडोरा के शिवलोक सिटी स्थित अपने घर पर बुलाकर सारे दस्तावेजों का परीक्षण कराने भोपाल के एमएलए रेस्ट हाऊस नं. 3 में आने के लिए कहा था।जब वह एमएलए रेस्ट हाऊस भोपाल के कमरा नं. 3 में पहुंचा तो वहां पर विशाल जैसवाल और उसके तीन-चार साथी थे। एमएलए रेस्ट हाऊस में विशाल जैसवाल ने दिलीप को बेसिक शिक्षा अधिकारी लगी सील वाला फर्जी नियुक्ति प्रमाण दिखाया और बताया कि 10-15 दिन में पोस्ट आफिस के माध्यम से यह नियुक्ति पत्र आपके घर पहुंच जाएगा।पुलिस इस मामले की गहनता के साथ जांच कर रही है जिससे बड़े गिरोह का पता लगाया जा सके।




