In the workshop, students shared their experiences of earning along with studying: कार्यशाला में विद्यार्थियों ने साझा किए पढ़ाई के साथ कमाई के अनुभव
विज्ञान और वाणिज्य संकाय के 300 विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने का मिला मार्गदर्शन

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस बैतूल में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन पर कार्यशाला सम्पन्न
बैतूल। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जयवंती हॉक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन पर 13 फरवरी को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग वल्लभ भवन भोपाल के आदेश के परिपालन में आयोजित की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का कौशल विकास करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और पढ़ाई के साथ रोजगार के अवसर प्रदान करना था।
कार्यशाला में विज्ञान और वाणिज्य संकाय के स्नातक और स्नातकोत्तर के 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम प्राचार्य मीनाक्षी चौबे और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष घनश्याम मदन के संरक्षण में तथा डॉक्टर सुखदेव डोंगरे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने पढ़ाई के साथ कमाई करने के अपने अनुभव साझा किए। इश्तियाक अली ने बताया कि वह जेएच कॉलेज में पढ़ाई के साथ मोटर बाइक सुधार कर हर महीने 20 हजार रुपये कमाता है। अक्षय मालवीय ने कहा कि वह नियमित अध्ययन के साथ 30 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है, जबकि हिमांशु पाटिल ने बताया कि वह हर महीने 40 हजार रुपये कमा रहा है।
विज्ञान संकाय के लिए विज्ञान भवन में कार्यशाला आयोजित की गई, जहां डॉ स्वाती लोखंडे, डॉ दिव्या और डॉ वीणा डेहरिया ने 150 विद्यार्थियों को रोजगार क्षमता और कौशल विकास बढ़ाने की दिशा में मार्गदर्शन दिया। वाणिज्य संकाय के 150 विद्यार्थियों के लिए वाणिज्य भवन में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें डॉ राजेश शेषकर, डॉ राकेश पवार, प्रोफेसर कृष्णा गौसर, डॉ शिवदयाल साहू और प्रोफेसर वरुण पंडोले ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के उपाय बताए।
पत्रकार घनश्याम राठौर ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया और उन्हें प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शेख साहिल, दीप्ति पाटणकर, रिया पवार, चांदनी यादव, प्रज्ञा सोनी, शैलेश उइके, प्रभात झरबड़े, मोना लोखंडे, अंकित चौकीकर और वंशिका पाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ दीपक मानकर और डॉ शिवदयाल साहू ने किया। अंत में आभार डॉ पंकज बारस्कर ने व्यक्त किया। कार्यशाला ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और अध्ययन के साथ रोजगार के नए अवसरों को तलाशने के लिए प्रेरित किया।





