Helth News: पूरा गांव बीमार होने की खबर पर मर्दवानी पहुंचे बैतूल कलेक्टर तो मिले मात्र चार मरीज
चौपाल लगाकर की पूछताछ, गांव में मात्र 37 लोग ही बुखार और सिरदर्द से हुए थे पीड़ित

Health News: बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ग्राम मर्दवानी में एपेडेमिक जैसी स्थिति होने और 100 से अधिक लोगों के बीमार होने की खबर से प्रशासन सतर्क हो गया। बैतूल के कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं ही शुक्रवार को गांव में पहुंच गए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हर घर में पहुंचकर पड़ताल की तो मात्र चार मरीज बुखार से पीड़ित मिले। 22 मई से ही गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भ्रमण कर कैंप लगा रही है। इसमें भी मात्र 37 लोग ही बुखार, सिरदर्द जैसी समस्या से पीड़ित होने पर उपचार कराने पहुंचे थे। गांव में संक्रामक बीमारी जैसी स्थिति ना होने पर कलेक्टर ने ग्रामीणों की चौपाल लगाई और चर्चा की।

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बताया कि गांव में हालत सामान्य है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 4 लोगों के प्लेटलेट्स कम होने के कारण बुखार एवं हाथ, पैर तथा सिर में दर्द की शिकायत है। इन्हें समझाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मैने स्वयं गांव के सावित्री 30 वर्ष, कैलाश यादव, जुलमा धुर्वे और कान्हा से मुलाकात की। प्लेटलेट्स कम होने के कारण इन्हें बुखार था। सीएमएचओ ने चारों मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार जारी है।

स्वास्थ्य अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, की टीम मय एम्बुलेंस के साथ गांव में तैयार है, जो 3 से 4 मरीज है उन्हें आवश्यकतानुसार जरूरत पड़ने पर हॉस्पिटलाईज कराया जा सकेगा। गांव की सरपंच ने बताया कि एक व्यक्ति विनोद आत्मज रामा की मृत्यु हुई है।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बताया कि 22 मई को पहला प्रकरण सामने आया था। कुछ समय में स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर्स से इलाज कराते रहे। कुछ और प्रकरण सामने आने पर जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य कैम्प लगाकर उनका इलाज प्रारंभ किया गया। इन कैम्पों में 37 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री श्वेता द्वारा बताया गया कि स्थानीय लोग झोलाछाप डॉक्टरों के पास ईलाज के लिए जाते है। हर घर में महुआ और गुड़ की चाय पी जाती है। इलाज की सभी सुविधाएं होने के बाद भी और समझाने के बाद भी इलाज के लिए नहीं आते है।
झोलाछाप डॉक्टर्स पर गिरेगी गाज:
कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टर तैयार रहे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ किसी को नहीं करने दूंगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रविकांत उईके ने स्थानीय भाषा में लोगों को बताया कि झोलाछाप डॉक्टर्स से आप लोग दूर रहे।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने ग्रामवासियों को एक स्थान पर बुलाकर पटरी पर बैठकर उनकी समस्याओं को सुना और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी दिए। गांव वालों ने कलेक्टर को सामने देख कर अपनी रोजमर्रा की जरूरतों पर भी ध्यान आकर्षित कराया, जिसमें उन्हें उनके राशन कार्ड बनवाने, मृत्यु प्रमाण पत्र एवं पेंशन जैसे प्रकरण सामने रखे। कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदार को आज ही कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए।




