कामाक्षा मंदिर परिसर डहुआ में चैत्र नवरात्र पर नौ दिन चलेंगे हवन-पूजन और महायज्ञ।
कलश यात्रा से होगा शुभारंभ, प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती पाठ, मंडल पूजन और देवी भागवत कथा।

बैतूल। जय मां कामाक्षा आध्यात्मिक सेवा संस्थान समिति डहुआ और समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर कामाक्षा मंदिर परिसर डहुआ में 19 मार्च से 27 मार्च तक हवन-पूजन, महायज्ञ सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम डहुआ में भव्य कलश यात्रा के साथ होगा।
आयोजन के दौरान आचार्य पंडित विपिन बिहारी महाराज बीना वाले के मुखारविंद से प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती पाठ सुबह 8 बजे से 10 बजे तक होगा। इसके बाद मंडल पूजन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक हवन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रात्रि 8 बजे से हरि इच्छा तक ज्ञान यज्ञ के रूप में देवी भागवत कथा का वाचन भी किया जाएगा।
मां कामाक्षा मंदिर समिति के अध्यक्ष धनराज बारंगे, सचिव दिनेश गाकरे और वरिष्ठ सलाहकार युवराज बारंगे, बलराम बारंगे, धुरेंद्र बारंगे, बोंदर बारंगे, विनोदी बारंगे, धनलाल बिंझाडे, धीरज बुवाडे, लाला टेलर, दिगंबर विश्वकर्मा, प्रकाश डोंगरदिये, भरत बारंगे, बलवंत मगरदे, बबलू मगरदे, रवि कडवे और मनोज बारंगे सहित ग्रामवासियों ने बताया कि असम राज्य के बाद लगभग दो हजार किलोमीटर की दूरी पर मां कामाक्षा का यह दूसरा मंदिर माना जाता है। वर्तमान समय में जब विश्व घृणा, दंभ, क्रोध, काम और लोभ जैसी प्रवृत्तियों से ग्रसित हो रहा है, ऐसे समय समाज को सकारात्मक दिशा देने और विश्व शांति के उद्देश्य से ग्राम डहुआ में मां कामाक्षा मंदिर का निर्माण कराया गया है।
समिति और ग्रामीणों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नवरात्र के इस धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां कामाक्षा का आशीर्वाद प्राप्त करें और कार्यक्रम को सफल बनाएं।



