Amla police registered FIR after CCTV footage and demarcation report: वर्षों से चल रहे जमीन पर कब्जे के विवाद में आखिर दर्ज हुई FIR, डॉक्टर बोलीं- अब तो न्याय चाहिए

CCTV फुटेज और सीमांकन रिपोर्ट के बाद आमला पुलिस ने दर्ज की FIR

आमला में डॉक्टर को जान से मारने की धमकी देने का मामला

CCTV फुटेज और सीमांकन रिपोर्ट के बाद आमला पुलिस ने दर्ज की FIR

बैतूल। आमला के बोडखी वार्ड क्रमांक 18 की एक महिला डॉक्टर को अपने ही घर की जमीन पर कब्जे, तोड़फोड़ के मामले में अब निर्णायक मोड़ आया है। आखिरकार पीड़िता की शिकायत पर आमला थाना पुलिस ने विजय सोलंकी और आधार सिंह सोलंकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। FIR में जानलेवा धमकी, तोड़फोड़ और गाली-गलौच जैसी धाराएं शामिल की गई हैं।

 डॉ. नेहा सहगल की शिकायत पर विजय सोलंकी और आधार सिंह सोलंकी के खिलाफ आमला थाना में FIR दर्ज कर ली गई है। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 324(2), 296(B) और 351(B) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

FIR के अनुसार घटना 27 जून 2025 को शाम 5:00 से 5:30 बजे के बीच की है, जब डॉ. नेहा सहगल के घर स्थित पानी की टंकी और पाइप को आरोपियों ने तोड़ दिया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, जो बोडखी चौकी के रघुवंशी जी को सौंपा गया है।

डॉ. नेहा सहगल ने बताया कि उनके नाम खसरा नंबर 8/27 रकबा 0.040 हेक्टेयर की संपत्ति है, जिसमें मकान, दुकान, गली और रिक्त भूमि शामिल है। तहसीलदार द्वारा 1 अप्रैल 2024 को सीमांकन कर यह स्पष्ट किया गया था कि यह भूमि पूरी तरह से डॉ. नेहा की है। इसके बावजूद विजय सोलंकी और आधार सिंह सोलंकी उस पर जबरन कब्जा किए हुए हैं और लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल पर जान से मारने की धमकी भी दी थी और गली में आने-जाने से रोकने की धमकियां दी जा रही थीं। मामला कई महीनों से पुलिस चौकी और तहसील कार्यालय में लंबित था, लेकिन अब जाकर कार्रवाई की गई है।

एफआईआर में यह भी दर्शाया गया है कि आरोपियों द्वारा दी गई धमकियों, गाली-गलौच और ज़मीन कब्जे की हरकतें लंबे समय से जारी थीं। पीड़िता ने पहले 27 फरवरी 2024 को भी बोडखी चौकी में शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

डॉ. नेहा सहगल का कहना है कि वह केवल अपने अधिकारों और न्याय के लिए लड़ रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि उन्हें मानसिक शांति और सुरक्षा मिल सके।

इस घटना के बाद बोडखी क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि जब एक महिला डॉक्टर को न्याय पाने के लिए बार-बार दरवाज़े खटखटाने पड़ते हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी।

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