भैंसदेही प्रकरण में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने एसपी से की उच्चस्तरीय जांच की मांग।

डॉक्टर की शिकायत पर दर्ज एफआईआर को बताया निराधार।

बैतूल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही में दो लोगों की मौत के बाद हुए विवाद के मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर थाना भैंसदेही में दर्ज एफआईआर क्रमांक 0145 की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने मामले में दर्ज सात लोगों को निर्दोष बताते हुए प्रकरण समाप्त करने की मांग उठाई है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय विनोद डागा द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. अभिषेक भलावी की शिकायत पर प्रशांत वागद्रे, मनोज कापसे, मनीष नावंगे, दिनेश कोसे, धनराज वाघमारे, रूपेश कापसे और दिनेश वाघमारे के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान किसी भी प्रकार के जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं हुआ था, बावजूद इसके गंभीर धाराएं लगाई गईं।

आवेदन के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल अंकुष वाघमारे और जगदीश अड़लक को अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टर के कथित रूप से देर से पहुंचने के कारण समय पर उपचार नहीं मिल सका और दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों ने आक्रोश जताया था। कांग्रेस का दावा है कि जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया, वे केवल मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है।

निलय विनोद डागा ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है ताकि निर्दोष लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने और प्रकरण खत्म करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में बैतूल एवं भैंसदेही क्षेत्र के बड़ी संख्या में कुनबी समाज के लोग शामिल थे।

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