फाग गायन प्रतियोगिता में जिलेभर की मंडलियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, दर्शक झूम उठे।
सिंगाजी भजन मंडली काजी जामठी ने जीता प्रथम पुरस्कार। निर्णायक मंडल ने सर्वसम्मति से घोषित किए परिणाम, अतिथियों ने विजेताओं को किया सम्मानित।



बैतूल। जिले में पहली बार फाग गायन प्रतियोगिता का आयोजन 28 मार्च शनिवार को होली मिलन समारोह 2026 के तहत छत्रपति शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक चले इस आयोजन में जिलेभर की भजन मंडलियों और फाग गायन मंडलियों ने भाग लेकर पारंपरिक फाग गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद दर्शक पारंपरिक गीतों पर झूम उठे और पूरा माहौल होली के रंग में रंग गया।
प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में नामदेव अतुलकर, बसंत कवड़े, श्री खाडेकर, जितेन्द्र राठौर और महेशचन्द्र पराशर ने मंडलियों की प्रस्तुति को ध्यानपूर्वक सुनकर सर्वसम्मति से परिणाम घोषित किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 10001 रुपये सिंगाजी भजन मंडली काजी जामठी को दिया गया। द्वितीय स्थान शिव मानस फाग मंडल बड़ली बुजुर्ग को मिला और तृतीय स्थान श्रीकृष्ण फाग मंडल चौथिया को प्राप्त हुआ। अन्य आमंत्रित मंडलियों को भी सांत्वना पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रथम पुरस्कार मुख्य अतिथि प्रवीण दाताराम गुगनानी, सलाहकार विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार प्रदेश मंत्री पिछड़ा वर्ग अतीत पंवार द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में योगी खंडेलवाल, बिट्टू बोथरा, अभिनव तातेड, अक्षय गोठी, दिपु सलूजा, कुसकुंज अरोरा, रजीत सिंह धुर्वे, अशोक तेकाम, डेनी, सावनकुमार, भीम धोटे, मुकेश झारे, बंटी और प्रशांत खंडेलवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजन समिति में टेंपल ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट संगीत विश्वविद्यालय बैतूल से गुरु नरेंद्र नाथ, श्रीमती निशा नाथ चौधरी, शिरीष पटेल, जीत चौकीकर, विजय वर्मा, किशोर झरबड़े, डॉक्टर विजय पांडे, कमल सोनी और सुनील तरकसवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पहली बार आयोजित इस फाग गायन प्रतियोगिता को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल रहा और देर रात तक पारंपरिक फाग गीतों की गूंज बनी रही।





