सनातन धर्म संस्कृति का ह्रास | सनातन धर्म संस्कृति का राजनीतिकरण…

शंकराचार्य जी का पद चारों पीठ मात्र गद्दी नहीं हैं ये भारत के कोने कोने में सनातन की धर्मध्वजा फहराने के बनाए गए ऐसे दिव्य पीठ हैं जिन पर जब कोई बैठता है तो उसका सिर्फ एक ही ध्येय होता है सनातन की रक्षा, गाय, गंगा, गीता, गोविंद की रक्षा, उनकी महत्ता का प्रचार प्रसार।
ज्योतिष्पीठ पर अभिषिक्त स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज गाय, गीता, गंगा, मंदिरों के लिए बहुत ही मुखर हैं ये लगातार गो माता को राज्य माता राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, गोरक्षण के लिए, मंदिरों के लिए कार्य कर रहे हैं।
काशी में जब अखिलेश सरकार ने गंगा में गणेश मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाया तो इन्होंने मुखर होकर उसका विरोध किया, लाठियां खाई।
भाजपा शासन काल में काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर जब सैकड़ों मंदिर मूर्तियां वृक्ष तोड़े जा रहा थे तब भी इन्होंने मुखर होकर विरोध किया।
श्रीराम मंदिर का केस इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इन्होंने लड़ा, इन्हीं वरिष्ठ वकील PN मिश्र जी ने श्रीराम मंदिर के मुकदमे को भी लड़ा।
परम धर्म संसद 1008 प्रयागराज में राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत किया।
सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा गौरक्षा के लिए किया,गंगा सेवा अभियान के लिए तत्पर रहे।
कहने का तात्पर्य यह है कि जो कार्य शंकरपीठ को एक शंकराचार्य को करने चाहिए वे भलीभांति कर रहे हैं।
आप संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में शिक्षा काल के समय छात्र नेता रहे, अध्यक्ष भी रहे।
और आप जानते हैं कि किस पार्टी से ABVP से।
लोगो झूठ उड़ाते हैं कि ये कांग्रेस पार्टी में थे।
इनमें कमी सिर्फ यह है कि ये प्रतिकार बहुत तीखे शब्दों में करते हैं, सीधे सरकार, शासन प्रशासन से भिड़ जाते हैं इसीलिए इस तरह के मुकदमे झेल रहे हैं।।
योगी आदित्यनाथ जी गोरक्ष पीठ के महंत एवं पीठाधीश्वर होने के साथ उत्तर प्रदेश के CM भी हैं तो अपने पद का, वर्चस्व का प्रभाव वहां भी है,
परन्तु गौमाता राज्यमाता के सवाल पर चुप हैं, मंदिरों के सवाल पर चुप हैं। UGC एक्ट आदि पर चुप हैं।
अगर आप नम्र हो जाते तो आपका और सनातन का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता, हर सनातनी आपकी निश्चित जय जयकार करता परंतु आज आप सत्ता के अहंकार में मधेशी है। गाय को राज्यमाता का सम्मान दे दोगे तो शंकराचार्य जी सहित समाज का आशीर्वाद मिलेगा किन्तु यदि इस अवसर को खोना चाहते है तो आप गोरक्ष पीठ की मर्यादा को घटा रह और भाजपा को उत्तर प्रदेश में समस्या में ला रहे है।
जबकि आदरणीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी आपकी बहुत आवश्यकता है उत्तर प्रदेश में आपका भी संत वेश है आपसे भी बहुत उम्मीद है प्रदेश और देश के लोगों को क्योंकि आप एक संत और भगवाधारी है
प्रयागराज में जो माघ मेला, कुंभ आदि लगते हैं ये सब शंकराचार्यों की देन हैं,
संत, महंत, मंडलेश्वर महामंडलेश्वर, यति, नागा, साधु, जगद्गुरु शंकराचार्य इन्हीं से उस मेले की शोभा है।
इनके अपने भी संविधान हैं कि कोई नंगे नहाने जाएगा, कोई नंगे पांव जाएगा, कोई शाही स्नान करेगा, कोई पालकी पर जायेगा, कोई गाजे बाजे के साथ जाएगा कोई जुलूस के साथ जाएगा
इन सब परंपराओं को जीवंत रखना, इसे सुचारू रूप से चलाते रहना , ये शासन प्रशासन का उत्तरदायित्व है।
परन्तु आज कुंभ महाकुंभ में VIP तो पूरी गाड़ियों का रेला लेकर गंगा घाट तक जा रहे हैं,
सरकार द्वारा पालित संत महंत नेताओं को मल मलकर नहलवा रहे हैं,
चाटुकार, भांट, चारण की रोटियां तक शासन प्रशासन सेंक दे रहा है,
लेकिन शंकराचार्य अपनी पालकी से भी नहीं जा सकते,
क्यों भाई क्यों नहीं जा सकते ?
कुंभ से शुरू हुए विवाद ने माघ मेले में अपना रूप दिखाया,
शंकराचार्य को नोटिस भेजी गई कि वे सिद्ध करें कि वह शंकराचार्य हैं कि नहीं
बाकी दो शासन द्वारा बनाए हुए फर्जी शंकराचार्य को सरकार लिए घूम रही हैं उनसे पूछने का उनके पास न तो समय है न ध्यान। विधानसभा में शंकराचार्य जी पर अमर्यादित टिप्पणी करना बल्कि वो सबसे बड़े धर्माचार्य है। आप सत्ता की कुर्सी में है, गलत होंगे तो शंकराचार्य डांट सकते है , फटकार सकते हैं पर आपमें इसे सुनने और सही करने का वो धैर्य और विनम्रता नहीं आ रही जो एकनाथ शिंदे ने दिखाई।
शंकराचार्य के भूमि आवंटन को रद्द करने की धमकी दी गई,ये तो शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ही थे जो इसके बाद भी डटे रहे और यही सरकार को खल गया।
क्या भविष्य में आद्य शंकराचार्य द्वारा निर्मित इन चारों शंकराचार्य की पीठों को खत्म किया जाएगा?
क्या सरकार ही सनातन को नियंत्रित करेगी ये सोचना सिर्फ शंकराचार्य का काम नहीं हर हिंदू का है,
किसी न किसी पीठ पर बैठे हर उस संत, महंत, कथावाचक, जगद्गुरु मंडलेश्वर, का है,
आज सबसे बड़े पीठ पर हमला जारी है फिर अन्य पीठों की विसात ही क्या है,
सरकारें आएंगी जाएंगी लेकिन सनातन तुमसे हिसाब जरूर मांगेगा,
गाय, गंगा, गीता, गोविंद को हिसाब देना पड़ेगा
उसके लिए काम करें।
जिससे आपको इहलोक और परलोक सुधर सके
जय बद्री विशाल
सनातन धर्म की जय हो
लेखक
युवराज श्री गौड़
गौ सांसद
राष्ट्रीय सनातन धर्म मंच गौ रक्षक गौ संवर्धन राष्ट्रीय अध्यक्ष
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद जिला अध्यक्ष
सनातन धर्म चिंतक




