court judgement: चेक बाउंस के मामले में आरोपी को अर्थ दंड के साथ 6 माह का कारावास

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मुलताई के न्यायालय ने सुनाया फैसला 

बैतूल। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मुलताई के न्यायालय ने राजकुमार विरुद्ध राजेश को धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम के तहत दोषी पाया है। माननीय न्यायालय ने अभियुक्त राजेश को 6 महीने की साधारण कारावास अर्थदंड के साथ दंडित किया है।

यह मामला गत वर्ष में हुआ था, जब राजेश ने राजकुमार को एक चेक दिया था, जिसमें फंड नहीं था। चेक के बाउंस हो जाने के बाद, राजकुमार ने कानूनी कदम उठाया। न्यायिक प्रक्रिया के बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट ने राजेश को दंडित किया। मामले की पैरवी कर रहे परिवादी के अधिवक्ता भीमराव उपराले ने बताया कि यह निर्णय चेक बाउंस विवादों के तहत एक महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कदम है, जो दोषियों को कानूनी दायरों में रखने का प्रयास कर रहा है।

— यह है पूरा मामला — 

अधिवक्ता भीमराव उपराले ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि राजेश पवार निवासी मुलताई ने हार्वेस्टिंग मशीन खरीदने के नाम पर राजकुमार कामतकार निवासी खेड़ली बाजार से 9 लाख 99 हजार उधार लिए थे। मशीन नहीं देने पर राजकुमार ने अपने पैसे वापस मांगे तो राजेश पवार ने 95 हजार का चेक दिया था जो सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा मुलताई ने बाउंस कर दिया। राजकुमार ने अपने अधिवक्ता भीमराव उपराले के माध्यम से एक लीगल नोटिस दिया परंतु राजेश पवार ने चेक की राशि नहीं दी मुलताई न्यायालय में राजकुमार ने परिवाद पेश किया जिसका क्रमांक एनआईए 3/ 2023 है जिसमें न्यायालय ने 27 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए आरोपी राजेश पवार को 6 माह का कारावास एवं 95000 का 9 प्रतिशत राशि ब्याज सहित देने का आदेश किया। ब्याज की राशि नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास से दंडित किया जाएगा।

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