हरे-भरे पेड़ों पर चला आरा, सरकारी हेडपंप में डली मोटर फिर भी खामोश नगर पालिका: विजेंद्र गोले…

जो संगठन छात्रों के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें आज दिखाई क्यों नहीं दे रहा बच्चों का दर्द: गोले विकास के नाम पर चल रहे कामों की पारदर्शिता पर शिवसेना जिला अध्यक्ष ने उठाए सवाल.

 

 

बैतूल। शहर में इन दिनों विकास के नाम पर चल रहे कामों पर सवालों की बौछार हो रही है। शिवसेना जिला अध्यक्ष विजेंद्र गोले ने सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि एक ओर सरकार मां के नाम पर पेड़ लगाने का संकल्प दिला रही है, पर्यावरण संरक्षण के बड़े-बड़े संदेश दे रही है। दूसरी ओर शहर में वर्षों पुराने हरे-भरे वृक्षों पर आरा चल रहा है और जिम्मेदार तंत्र चुप्पी साधे बैठा है।

दूसरी ओर प्रशासन को के बाद भी आज दिनांक तक ठेकेदार द्वारा सरकारी हेडपंप में डाली गई मोटर जप्त नहीं की गई। विजेंद्र गोले का आरोप है कि यह लापरवाही नहीं, बल्कि खुली मिलीभगत का संकेत है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होना यह बताता है कि नगर पालिका की आंखों पर काली पट्टी बंधी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि जब मामला सार्वजनिक हो चुका है तो आखिर मोटर जप्त करने में देरी क्यों हो रही है और किसके दबाव में अधिकारी चुप बैठे हैं।

– हरे-भरे पेड़ों पर चला आरा

विजेंद्र गोले ने कॉलेज चौक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कॉलेज चौक पर वर्षों पुराने बड़े-बड़े हरे पेड़ों को काट दिया गया। उन्होंने कहा कि इन पेड़ों की कटाई ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ ही शहर की पहचान भी छीनी है। विजेंद्र गोले ने पूछा कि पेड़ काटने की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या वैकल्पिक वृक्षारोपण की योजना है।

– हरी मेट के पीछे क्या छिप रहा

कॉलेज चौक पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर विजेंद्र गोले ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा चारों ओर हरी मेट लगाकर अंदर काम किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या काम हो रहा है जिसे जनता की नजरों से छिपाने की जरूरत पड़ रही है। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है तो पारदर्शिता से काम क्यों नहीं किया जा रहा।

– एक किलोमीटर का फेरा, बच्चों की परेशानी

विजेंद्र गोले ने कहा कि कॉलेज चौक पर रास्ता बंद होने के कारण विद्यार्थियों को रोजाना लगभग एक किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर कॉलेज जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शिवसेना द्वारा पहले भी इस मुद्दे को उठाया गया था, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि विकास कार्य करते समय विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

– छात्र राजनीति खामोश क्यों

विजेंद्र गोले ने एनएसयूआई और एबीवीपी जैसे छात्र संगठनों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जो संगठन कॉलेज के छात्रों के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें आज बच्चों का दर्द दिखाई क्यों नहीं दे रहा। यदि छात्रों को रोजाना अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है तो छात्र संगठनों को आगे आकर आवाज उठानी चाहिए।

– जवाबदेही तय हो

विजेंद्र गोले ने स्पष्ट कहा कि शहर में नगर पालिका अपनी मनमानी पर उतर आई है। मोटर जप्त न होना, पेड़ों की कटाई और रास्ता बंद कर छात्रों को परेशान करना ये सभी घटनाएं प्रशासनिक निष्क्रियता की कहानी कह रही हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई हो और कॉलेज चौक का मार्ग तत्काल खोला जाए, ताकि शहर को राहत मिल सके।

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