Betul news: हिवरा गांव के मां भवानी मंदिर में छिपे गुप्त रहस्यों और दिव्य शक्तियों का किया गया खुलासा

श्रीमंत डॉ. राजे मुधोजी भोंसले, सिवनी के संत डॉ. सत्यनारायण गिरी महा आरती में हुए शामिल

बैतूल। प्रतिवर्ष नवरात्र के पहले मंगलवार को बैतूल जिले की खुशहाली और समृद्धि के लिए आयोजित होने वाली मां भवानी की महाआरती इस वर्ष भी हिवरा के सुप्रसिद्ध मां भवानी मंदिर में धूमधाम से संपन्न हुई। इस पवित्र अवसर पर सिवनी के परमहंस परमयोगी महा तपस्वी संत श्री श्री 1008 डॉ. सत्यनारायण गिरी गोस्वामी जी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज श्रीमंत डॉ. राजे मुधोजी भोंसले को मां भवानी का आशीर्वाद दिलाया।

आयोजन में विशेष पूजा का नेतृत्व मां बगलामुखी साधक रविन्द्र मानकर ने किया, जिन्होंने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज को उनके गुरु रामदास महाराज के आशीर्वाद से मां तुलजा भवानी के दर्शन प्राप्त हुए थे। इसी कारण, श्रीमंत डॉ. राजे मुधोजी भोंसले को इस महाआरती में शामिल कर उन्हें मां का विशेष आशीर्वाद दिलाने के लिए सिवनी से डॉ. सत्यनारायण गिरी को आमंत्रित किया गया।

आठनेर विकासखंड के हिवरा स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में 3100 दीपकों की जगमगाती रोशनी में महाआरती संपन्न हुई, जिसमें जिलेभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं ने इस अवसर पर मां के स्वरूप की विशेष रंगोली भी सजाई, जिससे पूरा मंदिर परिसर अलौकिक आभा से घिर गया। इस भव्य आयोजन में ग्रामीण महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस महाआरती का आयोजन सकल हिन्दू समाज द्वारा हर साल बड़े हर्षोल्लास के साथ किया जाता है। नवरात्रि के बाद पहले मंगलवार को होने वाली इस महाआरती में पूरे क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जाती है।

हिवरा मां भवानी मंदिर से जुड़े गुप्त रहस्य और दिव्य शक्तियां

हिवरा के मां भवानी मंदिर से कई गुप्त रहस्य और दिव्य शक्तियां जुड़ी हुई हैं, जो इसे खास बनाती हैं। मंदिर में स्थित प्राचीन शिवलिंग खुदाई के दौरान प्राप्त हुआ था, जिसकी भविष्यवाणी सिवनी की पूज्य गुरु मां ज्ञानेश्वरी देवी ने की थी। इसके अलावा, मां बगलामुखी साधिका गुरु मां देवी ज्ञानेश्वरी के आशीर्वाद से यहां जया-विजया की मूर्तियाँ और श्री यंत्र भी स्थापित हैं, जो मंदिर को एक विशिष्ट दिव्यता प्रदान करते हैं। हिवरा गांव का यह मंदिर अपनी अनूठी धार्मिक विशेषताओं और गुप्त रहस्यों के लिए पूरे क्षेत्र में विख्यात है। यहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु मां भवानी और इन दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं।

भव्य महाआरती और भंडारे का आयोजन

महाआरती के बाद हिवरा गांव में भंडारे का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने एकत्रित होकर प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन श्रद्धालुओं को एकजुट करता है, गांव के सामूहिक सहयोग और एकता का प्रतीक भी है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाए और बच्चे शामिल हुए, जो माता भवानी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने आए थे। हिवरा गांव की विशेषता यह है कि यहां सिर्फ एक ही मंदिर है, जहां विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा एकत्रित रूप से की जाती है, जिससे क्षेत्र का हिंदू समाज अपनी आस्था और विश्वास को बनाए रखता है। मंदिर परिसर में सजाई गई विशेष रंगोली और दीपों की जगमगाहट ने इस महाआरती को और भी भव्य बना दिया।

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