आधी रात में भाई-बहन ने किया रक्तदान, फैजल खान को दी नई जिंदगी

आवाज़ दो हम ज़िन्दा हैं ग्रुप के समर्पित सदस्यों ने डेंगू पीड़ित के लिए बढ़ाया मदद का हाथ
एक साथ रक्तदान कर भाई-बहन बने प्रेरणा, समाज सेवा में जुटा आवाज़ दो हम ज़िन्दा हैं ग्रुप
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बैतूल। रविवार की रात को आवाज़ दो हम ज़िन्दा हैं ग्रुप के सदस्य और सगे भाई-बहन फरीन निशा एवं समीर खान ने फैजल खान नामक डेंगू पीड़ित की जान बचाने के लिए रक्तदान किया। फैजल खान की प्लेटलेट्स डेंगू के कारण काफी कम हो गई थीं, जिसके चलते उसे तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। जैसे ही यह जानकारी मिली, भाई-बहन ने बिना किसी देरी के राठी अस्पताल में पहुंचकर रक्तदान किया, जिससे फैजल खान की जान बच सकी।
समर्पित समाजसेवा:
आवाज़ दो हम ज़िन्दा हैं ग्रुप अपने निरंतर सामाजिक कार्यों के लिए पहचाना जाता है। रविवार को फरीन निशा और समीर खान ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपने कर्तव्य का पालन किया। उनके इस सराहनीय कदम के बाद, ग्रुप के अन्य सदस्य इमरान खान और एजाज खान ने भी आगे आकर रक्तदान किया, जिससे जरूरतमंद की मदद की जा सकी।
रक्तदान से दी जीवन की नई आशा
डेंगू के कारण प्लेटलेट्स की कमी से जूझ रहे फैजल खान को तुरंत रक्त की आवश्यकता थी। फरीन निशा और समीर खान ने इस स्थिति में आगे बढ़कर रक्तदान किया, और समाज में रक्तदान के महत्व को भी उजागर किया। उनकी इस पहल से एक बार फिर यह साबित हुआ कि समाजसेवा में जुटे लोगों की मेहनत किसी की जान बचा सकती है।
समाजसेवा के क्षेत्र में बेहतर साबित हो रहा आवाज़ दो हम ज़िन्दा हैं ग्रुप का योगदान
यह ग्रुप लंबे समय से बैतूल में सामाजिक कार्यों में सक्रिय है और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है। चाहे रक्तदान हो या किसी अन्य प्रकार की सहायता, यह समूह अपने सदस्यों के माध्यम से लगातार समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। आवाज़ दो हम ज़िन्दा हैं ग्रुप ने दिखाया कि मदद करने के लिए किसी खास मौके की जरूरत नहीं होती, बस एक सच्चे दिल और सेवा भाव की आवश्यकता होती है।



