Betul News: जनपद सीईओ और अन्य लोगों द्वारा कार्यालय में पिटाई करने के मामले में पुलिस परीक्षण कराएगी, जिला पंचायत का दल जांच करेगा
– जनपद के सीईओ की कार्यप्रणाली को लेकर अक्सर उठते हैं सवाल, हरदा के अखबार में निविदा छपवाने का भी मामला है गंभीर

Today Betul News: बैतूल। जिले की आमला जनपद पंचायत के कार्यालय में आए युवक को जनपद के सीईओ दानिश अहमद खान और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों के द्वारा लात–मुक्के, जूते से बेरहमी से पीटने के मामले में पुलिस के द्वारा वायरल वीडियो का परीक्षण कराया जाएगा। इसके साथ ही मारपीट का शिकार हुए युवक से भी पूछताछ कर उसके द्वारा शिकायत करने पर कारवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि शराब पीकर कार्यालय में घुसने और कागज फाड़ने की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। अब मारपीट करने का वीडियो सामने आया है तो इसका परीक्षण कराएंगे।
जिला पंचायत का दल करेगा जांच:
जनपद पंचायत कार्यालय के भीतर जनपद सीईओ दानिश अहमद खान के द्वारा स्वयं और वहां मौजूद अन्य लोगों के द्वारा जिस बेरहमी से युवक की पिटाई की गई है उसे जिला पंचायत सीईओ ने गंभीरता से लिया है। सीईओ जिला पंचायत अभिलाष मिश्रा ने बताया कि हमारे द्वारा एक दल बनाया जा रहा है। दल के द्वारा पूरी घटना की जांच की जाएगी। मारपीट करने वाले कौन हैं, उसमें कितने सरकारी कर्मचारी हैं और कितने अन्य बाहरी हैं। इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच पूरी कर जिम्मेदार पेट जाने पर नियमानुसार कारवाई की जाएगी।
पंचायतों से किन बिलों का भुगतान कराने वाले थे जनपद आमला के सीईओ..?
इस घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि सीईओ के चेंबर में अन्य लोगों की मौजूदगी में कोई सरकारी दस्तावेज कैसे फाड़ देगा। जब सीईओ उसे पहचानते ही नही थे तो पंचायतों से बिलों का भुगतान कराने का आश्वासन कैसे और क्यों दिया गया। आखिर किससे बात कराई गई और उसके बाद सीईओ ने बेरहमी से युवक को पीट डाला। जिला पंचायत के सीईओ की जैसी छबि है यदि वे वैसी ही स्वच्छ जांच कराएंगे तो जनपद में क्या हो रहा है इसकी कलई भी खुल जाएगी।
हरदा में छपवा डालीं निविदाएं
जनपद पंचायत के सीईओ दानिश अहमद खान भले ही स्वयं को पाक साफ बताकर पंचायतों में सामग्री सप्लाई की निविदाओं का प्रकाशन हरदा के अखबार में नही कराए जाने का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन क्या किसी भी पंचायत से उनकी बिना जानकारी के निविदा का प्रकाशन हरदा जिले में किया जा सकता था।
इतना ही नही यदि सीईओ की सांलिप्तता नही है तो दोबारा जिले के सप्लायरों से रेट आमंत्रित करने के लिए निविदा स्थानीय अखबारों में क्यों नही छपवाई जा रही। जिन्होंने प्रकाशन किया उन्हे नोटिस तक क्यों नही दिए गए। किस आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि बिना अनुमति के निविदा का प्रकाशन किया गया।




