आयुर्वेद चिकित्सालय टिकारी में किया जा रहा गर्भसंस्कार कार्यक्रम
गर्भस्थ शिशु के समग्र विकास के लिए आयुर्वेद की प्राचीन विधा से स्वस्थ मातृत्व की पहल

बैतूल। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय टिकारी में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रति मंगलवार एवं शुक्रवार नियमित रूप से गर्भसंस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार-विहार, योग, प्राणायाम, ध्यान, संगीत चिकित्सा तथा सकारात्मक जीवनशैली के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। साथ ही गर्भावस्था के दौरान होने वाली सामान्य समस्याओं के आयुर्वेदिक समाधान भी बताए जाते हैं, ताकि माताएं गर्भकाल को स्वस्थ और संतुलित ढंग से पूरा कर सकें।
जिला आयुष अधिकारी डॉ.योगेश चौकीकर ने बताया कि गर्भसंस्कार कार्यक्रम से गर्भस्थ शिशु के शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायता मिलती है। इससे मां के तनाव, चिंता एवं अवसाद में कमी आती है तथा प्रसव पीड़ा को सहन करने की क्षमता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम शिशु के संस्कार, स्मरण शक्ति एवं बुद्धि विकास में सहयोग प्रदान करता है। इसके साथ ही मां और शिशु दोनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है तथा सकारात्मक सोच एवं भावनात्मक संतुलन का विकास होता है।
जिला आयुर्वेद चिकित्सालय टिकारी द्वारा क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की गई है कि वे इस निःशुल्क कार्यक्रम का लाभ उठाएं और स्वस्थ मातृत्व की दिशा में आयुर्वेद की इस प्राचीन विधा को अपनाएं।




