Naturopathy Camp: प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में बड़ी संख्या में पहुंच रहे मरीज

गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा बैतूल में किया जा रहा चिकित्सा शिविर का आयोजन

बैतूल। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा बैतूल में विगत तीन दिनों से प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के तीसरे दिन गुरुवार को भी सुबह से ही मरीजों का ताता लगा रहा। बड़ी संख्या में लोग अपनी बीमारी का इलाज करने के लिए गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा बैतूल पहुंचे। 6 फरवरी से 11 फरवरी तक नाम मात्र के पंजीयन शुल्क के साथ यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, इसमें किसी भी प्रकार की कोई दवा गोली नहीं दी जा रही है। जोधपुर राजस्थान के परंपरागत चिकित्सकों द्वारा पलक चिकित्सा के माध्यम से एक्यूप्रेशर मशीनों से चिकित्सा करके मरीजों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रथम दिन लगभग 50 मरीज ने शिविर का लाभ लिया, वहीं अगले दिन 55 मरीज ने इसका लाभ लिया। एक्यूप्रेशर इलाज का एक प्राचीन तरीका है जिसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दबाव डालकर बीमारियों को ठीक करने की कोशिश की जाती है। शिविर में मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि हमारे शरीर के मुख्य अंगो के दबाव केंद्र पैरों के तलवे एवं हथेलिया में होते हैं यदि इन दबाव केंद्रों की मालिश की जाए तो इनसे जुड़ी बीमारियों से राहत मिल सकती है। एक्यूप्रेशर चीन का पारंपरिक उपचार है और 100 वर्षों से भी अधिक समय से इस थेरेपी का इस्तेमाल दुनिया भर में किया जा रहा है। हमारे शरीर के अंदर उर्जा का प्रभाव कुछ नलिकाओं के माध्यम से होता है, ऊर्जा के इस प्राकृतिक प्रभाव से किसी भी तरह की रूकावट या असंतुलन ही बीमारी या दर्द का कारण बनता है। एक्यूप्रेशर के माध्यम से शरीर फिर से स्वस्थ हो जाता है। एक्यूप्रेशर चिकित्सा भारतीय संस्कृति की धरोहर है। इसके नियमित अभ्यास से रोग ठीक होते हैं। गठिया, सर्वाइकल, मोटापा, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, बवासीर, लिकोरिया, स्लिप डिस्क और बीमारियों का सफल इलाज एक्यूप्रेशर पद्धति से किया जाता है। इस शिविर में विभिन्न बीमारियों का एक्यूप्रेशर चिकित्सा की पद्धति से इलाज के बारे में भी चर्चा की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button