Success : वैदिक गणित का उपयोग कर बढ़ाई स्मरण शक्ति, प्रदेश में टापर बने सारणी के आशीष
राज्य वन सेवा परीक्षा में आशीष विजयवार प्रदेश में प्रथम स्थान पर आए

MPPSC Result 2023 : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सारणी शहर के युवा आशीष विजयवार ने राज्य वन सेवा परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। सारणी के समाजसेवी प्रमोद विजयवार के साधारण से परिवार में जन्मे आशीष विजयवार ने एसडीओ फॉरेस्ट (एसीएफ) व रेन्जर भर्ती हेतु एमपीपीएससी इंदौर द्वारा आयोजित संयुक्त राज्य वन सेवा परीक्षा में प्रदेश में अव्वल रहे हैं। उनके इस असाधारण चयन से पूरे सारणी नगर में हर्ष व्याप्त है।
आशीष के पिता प्रमोद विजयवार ने बताया कि आशीष की स्कूली शिक्षा एमपी बोर्ड के सरस्वती विद्या मंदिर सारनी से बॉयोलॉजी विषय व हिन्दी माध्यम से फिर पीएटी से चयनित होकर उसने जवाहरलाल कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से बीटेक (कृषि अभियांत्रिकी) की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने बताया कि वनकर्मी रहे अपने दादाजी के कन्धों पर बैठकर बचपन में जब आशीष उनके कार्यालय जाता था तब ही से उसने वन विभाग में बड़ा अफसर बनने का संकल्प ले लिया था।
इस वन सेवा परीक्षा के प्रदेश टॉपर व एसडीओ फॉरेस्ट (एसीएफ) हेतु चयनित आशीष विजयवार ने बताया कि कक्षा पांचवीं से ही उन्होंने केलकुलेटर के स्थान पर वैदिक गणित का उपयोग किया, जिससे चीजें उन्हें याद होते चली गयीं व उनकी गणित के बड़े बड़े प्रश्न मौखिक हल करने की क्षमता में वृद्धि हुई। वहीं उन्होंने कक्षा 12वीं के बाद से ही स्वयं के स्तर पर ही एनसीआरटी, समाचार पत्र, रोजगार निर्माण, केन्द्र व राज्य की शासकीय वेबसाइटों में उपलब्ध प्रशासनिक व नीतिगत आंकड़ों, पुराने प्रश्न पत्रों इत्यादि का गहराई से अध्ययन करते हुए एमपीपीएससी की तैयारी प्रारम्भ कर दी थी। वहीं लक्ष्य प्राप्ति की इस यात्रा में तर्कशक्ति में वृद्धि हेतु केवल 4 माह की कोचिंग प्राप्त की। चयन परीक्षाओं में सर्वप्रथम सरल प्रश्न हल करना उनकी रणनीति रही।
आशीष को स्कूली स्तर से ही मार्गदर्शन प्रदान कर रहे सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के सिविल इंजीनियर शैलेन्द्र वागद्रे ने बताया कि उनका प्रथम प्रयास में ही यह प्रतिष्ठापूर्ण चयन पूरे सारनी नगर के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा से चयनित 6 एसीएफ व 90 रेन्जर की सूचि में प्रथम आने से बचपन से दृढ़निश्चयी व मेधावी रहे आषीश का डीएफओ (आईएफएस) बनने का सपना भी मात्र 40 वर्ष की आयु में आगामी 12 से 15 वर्ष में पूर्ण होगा। बैतूल जिले से रेन्जर हेतु अभिषेक पिता डॉ. वी. एन. झरबड़े (बगडोना) व योगेश धोटे का भी चयन हुआ है।




