धोखाधड़ी: खाद के नाम पर राख बेचने वाले तीन गिरफ्तार, ललित साेनू जसूजा हिरासत में

सांईखेड़ा थाना क्षेत्र में धरनीधरा के नाम से जैविक खाद का निर्माण करता है जसूजा

BETUL NEWS : बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह से निकलने वाली राख को खाद के नाम पर बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में राख को बोरियों में भरकर ट्रक से बाहर भेजने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। बैतूल के सांईखेड़ा थाना क्षेत्र में धरनीधरा के नाम से जैविक खाद का निर्माण करने वाले बैतूल निवासी ललित उर्फ सोनू जसूजा को सारणी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है ताकि अमानक खाद बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो सके।

सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने पुलिस द्वारा जब्त की गई बोरियों में से नमूने एकत्र किए हैं जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। सारणी टीआई रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि सारणी के वार्ड क्रमांक एक पाटाखेड़ा में लंबे समय से सतपुड़ा ताप विद्युत गृह से निकलने वाली राख को एआर सुपर पाउडर के नाम पर बोरियों में पैक कर गीतांजलि ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से बाजार में पहुंचाकर किसानों को बेचा जा रहा था। शनिवार काे पुलिस ने गोदाम पर छापामार कार्रवाई करते हुए कथित खाद की 230 बोरियां और ट्रक काे जब्त किया था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद इस मामले में सारणी निवासी ओमप्रकाश पिता अशोक सरदार, अनिल पिता शिवनाथ भारद्वाज, अश्विन पिता गुलाबराव चिल्हाटे को गिरफ्तार कर धारा 420, 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

बैतूल निवासी ललित उर्फ सोनू जसूजा से पूछताछ में यह सामने आया है कि वह दो वर्ष से इंदौर निवासी अमित माहेश्वरी के संपर्क में है।उसके माध्यम से ही बोरियों पर कंपनी का नाम लिखकर सारणी में राख भरकर प्रदेश के खंडवा, छिंदवाड़ा, बैतूल और इंदौर तक आपूर्ति की जा रही थी। किसानों को सल्फर, आयरन, जिंक, बोरान, कापर, मैंगनीज का मिश्रण होने का दावा कर 50 किलो की बोरी में राख भरकर 750 रुपये में बेची जा रही है। राख को खाद बताकर बेचने के मामले में इंदौर निवासी अमित माहेश्वरी की मुख्य भूमिका सामने आई है। गिरफ्तार किए गए आरोपिताें से पूछताछ में यह पता चला है कि जय किसान एआर सुपर पाउडर का निर्माण करने वाली गीतांजलि आर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अमित की है। उसके द्वारा कंपनी का नाम लिखी हुई खाली बोरियां बैतूल निवासी ललित उर्फ सोनू जसूजा को भेजी जाती थीं। जसूजा के द्वारा जय किसान सुपर पाउडर की खाली बोरियां सारणी में भेजकर उसमें साइलो प्लांट से निकलने वाली राख भरवाई जाती थी। राख को खाद का रूप देने के बाद वाहनों में भरकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खाद एवं बीज विक्रेताओं को पहुंचा दिया जाता था।

पुलिस ने पानी में डालकर देखा तो मिली राख

सारणी टीआई हिंगवे ने बताया कि बोरियों में भरी हुई कथित खाद को जब पानी में डालकर देखा गया तो वह घुली नहीं और जस की तस ही रही। जबकि खाद होती तो वह पानी में घुल जाती लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिससे यह स्पष्ट हो गया कि खाद नहीं बल्कि बोरियों में राख भरकर किसानों को बेचने के लिए बाजार में पहुंचाया जा रहा था।

घर और गोदाम पर पहुंची पुलिस

राख को खाद बताकर बेचने के मामले में मुख्य भूमिका बैतूल के ललित उर्फ सोनू जसूजा की सामने आने के बाद पुलिस की टीम बैतूल में स्थित उसके घर और बोथिया के पास स्थित प्लांट पर भी पहुंची। कृषि विभाग और पुलिस के द्वारा जांच पड़ताल की गई है।  अब गेंद कृषि विभाग के पाले में है। बोथिया में जो जैविक खाद बनाई जा रही है क्या उसमें भी राख मिलाई जा रही है या फिर और कुछ केमिकल का उपयोग किया जा रहा है इसकी जांच पड़ताल करने पर हकीकत सामने आ जाएगी।

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