पत्रकारों पर बढ़ती हमले की घटनाएं चिंता का विषय: गगनदीप खेरे ।
बैतूल में पत्रकार असुरक्षित! हमलों की बढ़ती घटनाओं पर फूटा आक्रोश।

बैतूल। जिले में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों ने अब गंभीर रूप ले लिया है। प्रकाशक एवं संपादक संघ के अध्यक्ष गगनदीप खेरे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र के लिए सीधा खतरा बताया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि बैतूल में निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वालों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
खेरे ने आरोप लगाया कि अवैध कारोबार में लिप्त असामाजिक तत्व अब खुलकर पत्रकारों पर हमला कर रहे हैं। जो पत्रकार भ्रष्टाचार और गैरकानूनी गतिविधियों को उजागर कर रहे हैं, उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पत्रकारों पर हमले जैसे गंभीर मामलों में भी आरोपियों पर मामूली धाराओं में केस दर्ज किया जाता है। इसका सीधा फायदा आरोपियों को मिलता है, जो आसानी से जमानत पर छूटकर फिर से सक्रिय हो जाते हैं।
“यह सिर्फ पत्रकारों पर हमला नहीं, लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश है,” खेरे ने कहा।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, हमलावरों पर कड़ी धाराओं में कार्रवाई कर सख्त संदेश दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।
बढ़ते हमलों से स्पष्ट है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जिले में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।




