केंद्रीय मंत्री ने सराहा ‘नदियों का ननिहाल’, कहा- बैतूल की जल विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा प्रयास।

बैतूल। ‘नदियों का ननिहाल’ पुस्तक को लेकर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिलने लगी है। केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने पुस्तक के लेखक डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा करते हुए इसे बैतूल की जल विरासत को सामने लाने वाला महत्वपूर्ण कार्य बताया है। उन्होंने कहा कि बैतूल की पावन धरती पर जन्मे डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार लंबे समय से पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए समाज और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
नदी संवेदना और शोध का अद्भुत समन्वय
केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने कहा कि डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार ने ‘नदियों का ननिहाल’ में नदियों के प्रति जो संवेदना और दिव्यता का भाव प्रस्तुत किया है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने विशेष रूप से मां ताप्ती की जन्मस्थली मुलताई का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में नदियों को मां के रूप में पूजने की परंपरा रही है और उसी भाव को पुस्तक में जीवंत रूप दिया गया है।
– पत्रकारिता से साहित्य तक निरंतर सक्रियता
केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने कहा कि डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार ने पत्रकारिता के क्षेत्र में वेब वार्ता और द हितवाद जैसे प्रतिष्ठित माध्यमों में संवाददाता के रूप में कार्य करते हुए अपनी पहचान बनाई है। इसके साथ ही ‘अजब गांव की गजब दास्ता’, ‘मेरा बैतूल’, ‘काला गुलाब’, ‘मेरे बाबूजी’ और ‘बैतूली सहकारिता का सुहाना सफर’ जैसी कृतियों के माध्यम से उन्होंने साहित्य जगत में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
नदियों के उद्गम से प्रवाह तक का प्रमाणिक दस्तावेज
उन्होंने कहा कि ‘नदियों का ननिहाल’ में नदियों के उद्गम स्थल से लेकर उनके प्रवाह तक का अत्यंत सुंदर और प्रमाणिक विवेचन किया गया है। यह कार्य केवल साहित्यिक नहीं, बल्कि शोधपरक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुस्तक में जिस तरह नदियों के उद्गम और उनके विस्तार का संकलन किया गया है, वह बैतूल को देश में सर्वाधिक नदियों के उद्गम स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस आधार प्रदान कर सकता है।
– नदियों की अविरलता और स्वच्छता की चिंता
केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने कहा कि डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार नदियों की अविरलता और स्वच्छता को लेकर गंभीर रूप से चिंतित रहते हैं और उनके प्रयास समाज को जागरूक करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देते हैं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने ‘नदियों का ननिहाल’ पुस्तक के प्रकाशन पर डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह कार्य बैतूल ही नहीं, पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक जल संरक्षण और नदियों के महत्व को समझाने में एक सशक्त माध्यम बनेगी।




