शिक्षक बने हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर:

किशोरों के सर्वांगीण विकास के लिए जैन दादावाड़ी में हुआ उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम का प्रशिक्षण | आयुष्मान भारत के तहत माध्यमिक शालाओं में भी शुरू होगा उमंग कार्यक्रम|

 

बैतूल। आयुष्मान भारत के राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम का द्वितीय चरण प्रशिक्षण जैन दादावाड़ी में संपन्न हुआ। हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में बेहतर परिणाम मिलने के बाद अब इसे माध्यमिक शालाओं में भी संचालित किया जाएगा, ताकि किशोर विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकें। जिले के शिक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर (आरोग्यदूत) के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे स्कूलों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

कार्यक्रम का उद्देश्य जीवन कौशल शिक्षा, स्वस्थ व्यवहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, एनीमिया जांच, दंत रोगों की रोकथाम, आंखों का समय पर उपचार, एफ ए गोलियों के सेवन के लिए प्रोत्साहन, तंबाकू मुक्त शाला, नशामुक्ति जागरूकता, किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत प्रत्येक छात्र की हेल्थ आईडी बनाकर डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करना है।

समापन समारोह में सिविल सर्जन डॉक्टर जगदीश घोरे, कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉक्टर राजेश परिहार, स्टेट रिसोर्स पर्सन नीलेश सिंधे, अकाउंट ऑफिसर सोनी जी, डाइट से रितेश पठाडे, मास्टर्स ट्रेनर्स शैलेंद्र बिहारिया, ओमप्रकाश साहू, अरुणा साहू, ज्ञानदेव साहूकार, जिला परियोजना समन्वयक योगेंद्र दवनडे, उमंग परामर्शदाता शिल्पा वर्मा और जन मंगल संस्थान से कपिल चौरसिया उपस्थित रहे। बेहतर प्रस्तुति देने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। शैलेंद्र बिहारिया ने जीवन कौशल शिक्षा को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम बताया, वहीं प्रकाश देवड़ा ने प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।

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