Satpura Valley School:शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देता है सतपुड़ा वैली स्कूल

शास्त्रोक्त पूजन विधि से स्कूल में सम्पन्न कराया विद्यारम्भ संस्कार


बैतूल। विद्या की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस बसन्त पंचमी महोत्सव पर सतपुड़ा वैली स्कूल में विद्यारम्भ संस्कार सम्पन्न कराया गया। तीन से पांच वर्ष के बच्चों में शास्त्रोक्त पूजन विधि के माध्यम से इस संस्कार को रोपित किया जाता है तथा यह कामना की जाती है कि विद्यार्थी ज्ञानार्जन में सतत रस लेता हुआ अपने अनुकूल तथा परोपकार हेतु सभी सिद्धियां व शक्तियां अपने सामर्थ्य से प्राप्त करें। कर्यक्रम में निलय डागा ने कहा कि विद्यारम्भ संस्कार पूर्वजों से हमें विरासत के रूप में मिले हैं। सोलह संस्कार मनुष्य शरीर के सृजन से लेकर विसर्जन तक के उसके जीवन में अगर इन संस्कारों का किञ्चित भी समावेश होता है तो वह न केवल आदर्श सन्तान बनता हैं अपितु एक श्रेष्ठ नागरिक के रूप में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन सहजता से करता है। स्कूल डायरेक्टर श्रीमती दीपाली निलय डागा ने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार के साथ जीवन को कैसे उपयोगी बनाए यह सन्देश दिया। स्कूल प्रांगण में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापना कर निलय डागा एवं दीपाली डागा ने पूजन कर मां सरस्वती, सभी स्कूल स्टाफ, छात्र छात्राओं के साथ मां सरस्वती की आराधना की। इस अवसर पर नवोदित छात्रों को विद्या आरम्भ संस्कार के माध्यम से स्लेट पर लिखना सिखाया। विद्यारम्भ संस्कार द्वारा बालक-बालिका में उन मूल संस्कारों की स्थापना का प्रयास किया जाता है, जिनके आधार पर उसकी शिक्षा मात्र ज्ञान न रहकर जीवन निर्माण करने वाली हितकारी विद्या के रूप में विकसित हो सके। समारोह द्वारा बालक के मन में ज्ञान प्राप्ति के लिए उत्साह पैदा किया जाता है। उत्साह भरी मनोभूमि में देवाराधना तथा यज्ञ के संयोग से वांछित ज्ञानपरक संस्कारों का बीजारोपण भी सम्भव हो जाता है। कार्यकम में स्कूल प्राचर्य श्रीमती जया चक्रवती, स्कूल मैनेजर शिवशंकर मालवीय एवं सभी ऑफिस स्टाप का योगदान रहा।

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