Sahitya Akademi Award: प्रवीण गुगनानी को मिला अटल बिहारी साहित्य अकादमी सम्मान

सम्मान की 1 लाख की राशि परिषद् को समर्पित करने का लिया निर्णय

बैतूल। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् मप्र के महामंत्री प्रवीण गुगनानी को अखिल भारतीय स्तर पर अटल बिहारी साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया। इस प्रतिष्ठित सम्मान के तहत उन्हें 1 लाख रुपये की राशि दी जाएगी, जिसे उन्होंने साहित्य परिषद् को समर्पित करने की घोषणा की। उनके इस निर्णय की साहित्य जगत में प्रशंसा हो रही है।

उल्लेखनीय है कि साहित्य अकादमी, संस्कृति विभाग, द्वारा वर्ष 2022 में प्रकाशित कृतियों के लिए प्रादेशिक एवं अखिल भारतीय स्तर के सम्मान की घोषणा कर दी गई है। बड़े ही गौरव व प्रसन्नता का विषय है कि इस सूची में अखिल भारतीय स्तर के पुरस्कार व सम्मान हेतु बैतूल के साहित्यकार प्रवीण गुगनानी (विदेश मंत्रालय, भारत सरकार में सलाहकार, राजभाषा) को “अखिल भारतीय अटलबिहारी वाजपेयी पुरस्कार” प्रदान किया गया है। श्री गुगनानी को यह अखिल भारतीय सम्मान उनकी पुस्तक “स्वप्न ही तो है कविता” के लिए दिया गया है। इस सम्मान के अन्तर्गत उन्हें पदक के साथ-साथ एक लाख रुपये की राशि भी दी जाएगी। साहित्य अकादमी एवं संस्कृति विभाग द्वारा श्री गुगनानी को यह पुरस्कार शीघ्र ही एक भव्य व गरिमामय आयोजन में प्रदान किया जाएगा। श्री गुगनानी को इसके पूर्व प्रभासाक्षी हिंदी सेवा सम्मान,पौरुष्ग स्मृति अलंकरण पुसरस्कार, जनजातीय लेखन हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ एवं नार्वे सरकार का संयुक्त एरिक एल्हम सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। श्री गुगनानी को गत वर्ष ही मप्र के जनजातीय विषयों पर पर लेखन हेतु ह्युमिनिटीज़ विषय में केलीफोर्निया यूनिवर्सिटी द्वारा मानद डाक्टरेट भी प्रदान की गई है।

प्रवीण भाई ने बताया है कि इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन भी अब तक नहीं हो पाया है। अब शीघ्र ही इसका विमोचन कार्यक्रम भी किया जाएगा। प्रवीण गुगनानी जो कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के मप्र के महामंत्री हैं, उन्होंने इस सम्मान का श्रेय अपने संगठन से मिली शिक्षा को देते हुए अकादमी के निदेशक श्री विकास जी दवे के प्रति आभार प्रकट किया है। प्रवीण भाई ने इस अवसर अपने माता पिता को प्रणाम करते हुए, भाव प्रकट किए हैं कि उनका लेखन, उनके मातृ संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, से सतत मिलती प्रेरणा से ही संभव हो पाता है। श्री गुगनानी ने यह भी बताया कि इस पुरस्कार की एक लाख की राशि वे साहित्य परिषद् के ग्वालियर में बन रहे भवन हेतु सहयोग स्वरूप, संगठन को अर्पित कर रहें हैं। सभी मित्रों, परिजनों, स्वजनों की ओर से श्री गुगनानी को बधाइयाँ व शुभकामनाएँ प्रेषित की गई है।

लेखक, साहित्यकार- प्रवीण गुगनानी

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