मनोज आर्य के समर्थन में पूरा समाज, पूर्व अध्यक्ष बोले- अपमान नहीं, सुधार की बात की थी

शिकायतकर्ता के आरोपों को बताया निराधार, जांच और माफी की मांग

बैतूल। आर्य समाज चिचोली के 6 सितंबर के कार्यक्रम में जिला कलचुरी कलार समाज के जिलाध्यक्ष मनोज आर्य के उद्बोधन को लेकर उठे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। कलार समाज महासचिव एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष मुकेश मालवीय के निवास पर हुई बैठक में उपस्थित पूर्व अध्यक्षों ने एक स्वर में कहा कि मनोज आर्य ने ऐसी कोई बात नहीं कही, जिससे किसी पूर्व अध्यक्ष के सम्मान को ठेस पहुंचे। उनका कहना था कि आर्य ने पूर्व अध्यक्षों के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए समाज और आर्य समाज को मजबूत करने की बात कही थी।

बैठक में पूर्व अध्यक्ष बाली मालवीय ने सभी पूर्व अध्यक्षों से उनकी प्रतिक्रिया ली। राजकुमार मालवीय ने कहा कि मनोज आर्य ने ऐसी कोई बात नहीं कही, जिससे पूर्व अध्यक्ष के सम्मान को ठेस पहुंचे। उन्होंने तो पूर्व अध्यक्षों के त्याग की तारीफ की। अशोक आर्य ने कहा कि मनोज आर्य ने किसी का व्यक्तिगत अपमान नहीं किया और वे उनके साथ हैं। रमेश आर्य ने कहा कि समाज कल्याण को लेकर मनोज आर्य ने जो खरी-खरी बात कही, वैसी बात करने के लिए साहस चाहिए। यदि समाज में सुधार करना है तो आगे आना होगा और वे मनोज आर्य के साथ हैं।

पूर्व अध्यक्ष सुरेश मालवीय ने कहा कि उन्होंने न तो कोई गाली सुनी और न ही किसी को चोर कहा। उनके अनुसार मनोज आर्य ने समाज के भविष्य और बुजुर्गों की विरासत को आर्यवीर दल के माध्यम से आगे बढ़ाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि गुरुकुल एवं आर्य समाज को मनोज आर्य के सुझाए सुधारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष सचिन राय ने कहा कि मनोज आर्य ने अच्छी बात कही और समाज के मतभेद आपस में बैठकर सुलझाए जाने चाहिए, न कि पेपरबाजी के माध्यम से समाज का मजाक बनाया जाए।

पूर्व अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र आर्य ने कहा कि मनोज आर्य ने कोई गलत बात नहीं की, बल्कि समाज को आगे बढ़ने की राह दिखाई। उन्होंने मनोज आर्य को समाज का हीरा बताते हुए उनके साथ रहने की बात कही। सुबोध जायसवाल ने कहा कि आर्य समाज एक अच्छी संस्था है और मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें बैठकर सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे हमेशा मनोज आर्य के साथ थे, हैं और रहेंगे। पूर्व अध्यक्ष नवनीत आर्य ने कहा कि यदि मनोज आर्य की बातें गलत होतीं तो सभा में बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट नहीं होती। उनके अनुसार सैकड़ों लोगों ने तालियों के माध्यम से उनके विचारों का समर्थन किया। उन्होंने समाज की बातों को गलत तरीके से सार्वजनिक करने को अनुचित बताया।

पूर्व अध्यक्ष संजू जायसवाल ने कहा कि मनोज आर्य ने कोई गलत टिप्पणी नहीं की। उन्होंने समाजहित में भविष्य को लेकर गुरुकुल एवं आर्य समाज को आगे बढ़ाने की बात कही और किसी का अपमान नहीं किया। उन्होंने मनोज आर्य के विचारों का समर्थन किया। पूर्व अध्यक्ष रितेश मालवीय ने कहा कि वे स्वयं उस बैठक में मौजूद थे, इसलिए बातों का गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने मनोज आर्य को समाज का प्रतिष्ठित व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे आर्यवीर दल के समय से उनके साथ मिलकर कार्य करते रहे हैं और समाज में सौहार्द बना रहना चाहिए।

वर्तमान बैतूल आर्य समाज अध्यक्ष राजा आर्य ने फोन पर मनोज आर्य को समर्थन जताते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लालमन आर्य के नाती हैं, जिन्होंने आर्य समाज की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें एक सभा में अपमानित किया गया था, तब मनोज आर्य ने उनके सहित सभी पूर्व अध्यक्षों का बचाव किया था। उन्होंने भी मनोज आर्य के साथ खड़े रहने की बात कही।

बैठक में मौजूद लोगों ने मनोज आर्य के उस उद्बोधन का वीडियो भी देखा, जिसे आर्य ने टीवी पर दिखाया। बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि वीडियो में उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे किसी पूर्व अध्यक्ष का व्यक्तिगत अपमान साबित हो। बैठक की चर्चा को फेसबुक लाइव के माध्यम से भी प्रसारित किया गया। बाली मालवीय ने कहा कि इस मामले में पेपरबाजी करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को बैठक में आकर अपनी बात रखनी चाहिए थी। बैठक के इस वीडियो पर बैतूल से गायत्री बस संचालक संजू गायत्री और निर्देश मदरेले ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए समर्थन जताया।

मनोज आर्य ने बैठक में कहा कि उन्हें आर्य समाज के अध्यक्ष ने आमंत्रित किया था। उन्होंने अपने उद्बोधन में आर्य समाज को और अधिक मजबूत बनाने, समाप्त हो रही आर्यवीर दल की शाखा को पुन: प्रारंभ करने तथा समाजप्रेमियों द्वारा दान की गई भूमि पर शीघ्र गुरुकुल निर्माण की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जो लोग आर्य समाज के अध्यक्ष का दायित्व संभालते हैं, वे त्याग, समर्पण और निष्ठा के साथ अपना तन-मन-धन और समय लगाकर कार्यकाल पूरा करते हैं। उन्होंने पूर्व अध्यक्षों के त्याग और समर्पण की सराहना की तथा भविष्य में आर्य समाज को मजबूत करने को लेकर अपने विचार रखे थे।

मनोज आर्य ने कहा कि आर्य समाज को मिलने वाले आर्थिक दान में पारदर्शिता के लिए दान संग्रहण हेतु समाज का अकाउंट खोला जाना चाहिए और कैशलेस व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए। उनके अनुसार ऑनलाइन भुगतान भी आर्य समाज के खाते में बारकोड के माध्यम से लिया जाए और किसी को राशि देनी हो तो फोन-पे के माध्यम से भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बुजुर्गों की विरासत और पूर्व अध्यक्षों के त्याग को सम्मान देना तथा आने वाले समय में आर्य समाज को मजबूत बनाना था।

मनोज आर्य ने यह भी कहा कि राजनीतिक और सामाजिक द्वेष रखने वाले कुछ लोगों ने साजिश और षड्यंत्र के माध्यम से प्रिंट एवं सोशल मीडिया में उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। उनका आरोप है कि तथ्यहीन और बिना प्रमाण की बातों के लिए समाज का इस्तेमाल कर आर्य समाज में आक्रोश और विखंडन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास कलार समाज को भी कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा हैं।

उन्होंने आर्य समाज के वरिष्ठ सदस्यों से आय-व्यय की पुरानी व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले वरिष्ठ आर्य समाजी स्व. देव मित्र आर्य, स्व. कुंदन राव चंदेल, स्व. कुंदन आर्य (शिक्षक) और समिति आय-व्यय का ऑडिट करते थे। उन्होंने पूर्व अध्यक्षों से करीब 20 से 25 लाख रुपए के आय-व्यय का 10 सदस्यीय समिति बनाकर ऑडिट कराने की मांग की, ताकि आर्थिक व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

मनोज आर्य ने कहा कि उनकी छवि धूमिल करने के लिए जिन लोगों ने आर्य समाज को भ्रमित करने का प्रयास किया और बिना प्रमाण तथ्यहीन एवं भ्रामक बातें फैलाईं, वे आर्य समाज की बैठक में आकर माफी मांगें और कलार समाज से भी माफी मांगें। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर वे वैधानिक कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे। बैठक में मौजूद पूर्व अध्यक्षों ने भी समाज में सौहार्द बनाए रखने और मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button