समाज की भागीदारी से मजबूत होगी टीबी के खिलाफ जंग: डॉ. रूपेश पद्माकर
टीवी मरीजों के पोषण के लिए आगे आए निक्षय मित्र, 10 मरीजों को वितरित किया पोषण आहार

बैतूल। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत क्षय रोगियों को उपचार के साथ पोषण सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार, 24 अगस्त को जिला क्षय उन्मूलन केंद्र में उपचाररत 10 टीबी मरीजों को पोषण आहार वितरित किया गया। जिला चिकित्सालय बैतूल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रुपेश पद्माकर ने निक्षय मित्र बनकर मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया।
इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराना और उनके स्वास्थ्य लाभ में सहयोग करना है। पोषण की पर्याप्त उपलब्धता टीबी मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और उपचार के दौरान शरीर को आवश्यक ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी भावना के साथ डॉक्टर रुपेश पद्माकर ने निक्षय मित्र के रूप में मरीजों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए पोषण आहार का वितरण किया।
इस अवसर पर डॉक्टर रुपेश पद्माकर ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई दवाइयों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को पौष्टिक आहार, मानसिक सहयोग और समाज का साथ भी जरूरी है। निक्षय मित्र बनकर हम टीबी मरीजों के उपचार में सहयोग देने के साथ उन्हें यह भरोसा भी दिला सकते हैं कि समाज उनके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जुड़कर जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए टीबी मुक्त भारत का संकल्प सामूहिक भागीदारी से ही पूरा किया जा सकता है। मरीज नियमित रूप से अपना उपचार जारी रखें और पोषण का विशेष ध्यान रखें। जिला क्षय उन्मूलन केंद्र में आयोजित इस पहल ने टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता का सकारात्मक संदेश दिया।




